राइफलमैन ओम पà¥à¤°à¤•ाश सिंह रघà¥à¤µà¤‚शी उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के बà¥à¤²à¤‚दशहर जिले के सियाना तहसील के खैरपà¥à¤° गांव के रहने वाले थे और उनका जनà¥à¤® 24 नवंबर 1967 को हà¥à¤† था। शà¥à¤°à¥€ मà¥à¤‚शी सिंह रघà¥à¤µà¤‚शी और शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤à¥€ तारिपो देवी के पà¥à¤¤à¥à¤°, राइफलमैन ओम पà¥à¤°à¤•ाश 29 मई 1986 को सेना में शामिल हà¥à¤à¥¤ 19 साल का. उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ राजपूताना राइफलà¥à¤¸ रेजिमेंट की 2 राज रिफ बटालियन में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ किया गया था, जो à¤à¤• पैदल सेना रेजिमेंट है जो अपने बहादà¥à¤° सैनिकों और कई यà¥à¤¦à¥à¤§ समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ के लिठजानी जाती है। कà¥à¤› वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ तक सेवा करने के बाद 1990 में उनका विवाह सà¥à¤¶à¥à¤°à¥€ राजकà¥à¤®à¤¾à¤°à¥€ देवी से हà¥à¤† और दंपति को à¤à¤• पà¥à¤¤à¥à¤° कà¥à¤²à¤¦à¥€à¤ª का जनà¥à¤® हà¥à¤†à¥¤
लेफà¥à¤Ÿà¤¿à¤¨à¥‡à¤‚ट करà¥à¤¨à¤² à¤à¤®à¤¬à¥€ रवींदà¥à¤°à¤¨à¤¾à¤¥ की कमान के तहत आरà¤à¤«à¤à¤¨ ओम पà¥à¤°à¤•ाश की 2 राज रिफ़ बटालियन, जो लोलाब घाटी में 81 माउंटेन बà¥à¤°à¤¿à¤—ेड का हिसà¥à¤¸à¤¾ थी, को 04 जून 1999 को दà¥à¤°à¤¾à¤¸ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में शामिल किया गया था। बटालियन 56 माउंट बीडीई की कमान के तहत काम कर रही थी। , मेजर जनरल मोहिंदर पà¥à¤°à¥€ के नेतृतà¥à¤µ में 8 माउंट डिवीजन दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ समगà¥à¤° परिचालन नियंतà¥à¤°à¤£ किया जा रहा है। 1999 में लाहौर घोषणा पर हसà¥à¤¤à¤¾à¤•à¥à¤·à¤° करने के कà¥à¤› ही समय बाद, पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥€ सेना ने à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सेना की सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में खाली की गई चौकियों पर गà¥à¤ªà¥à¤¤ रूप से कबà¥à¤œà¤¾ कर लिया। 03 मई 1999 को, इन घà¥à¤¸à¤ªà¥ˆà¤ ों का पता चला और 26 मई 1999 को, à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ वायॠसेना (IAF) दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पहला हवा से जमीन पर हमला किया गया, इसके बाद à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सेना दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ घà¥à¤¸à¤ªà¥ˆà¤ ियों को बाहर निकालने के लिठऑपरेशन विजय चलाया गया। कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°. सेना ने पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥€ घà¥à¤¸à¤ªà¥ˆà¤ ियों को à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° से बाहर निकालने के लिठतà¥à¤°à¤‚त अपनी सेनाà¤à¤‚ जà¥à¤Ÿà¤¾à¤ˆà¤‚। 20 जून 1999 तक तोलोलिंग और पà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤‚ट 5140 पर कबà¥à¤œà¥‡ के बाद दà¥à¤¶à¥à¤®à¤¨ पर दबाव बनाठरखना जरूरी था. कई टोही मिशनों ने पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ की कि पहले चरण में पà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤‚ट 4700 के साथ मिलकर 'थà¥à¤°à¥€ पिमà¥à¤ªà¤²à¥à¤¸ रिज' नामक कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° पर कबà¥à¤œà¤¾ करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता थी। इसके बाद à¤à¤²à¤“सी तक पहà¥à¤‚चने के लिठपà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤‚ट 5100 पर कबà¥à¤œà¤¾ करना जरूरी था। मारà¥à¤ªà¥‹ ला रिजलाइन पर पीटी 5100 से निकलने वाली 'थà¥à¤°à¥€ पिंपलà¥à¤¸ रिज' राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ राजमारà¥à¤—, दà¥à¤°à¤¾à¤¸ शहर और सैंडो घाटी पर हावी है। दà¥à¤°à¤¾à¤¸ में सैंडो नाला के पूरà¥à¤µ में घà¥à¤¸à¤ªà¥ˆà¤ को अलग करने के लिà¤, पीटी 5100 और उसके बाद पीटी 5600 पर कबà¥à¤œà¤¾ करने का मारà¥à¤— पà¥à¤°à¤¶à¤¸à¥à¤¤ करने के लिठइस कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° पर कबà¥à¤œà¤¾ करना आवशà¥à¤¯à¤• था। थà¥à¤°à¥€ पिमà¥à¤ªà¤²à¥à¤¸ को बà¥à¤²à¥ˆà¤• रॉक कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ के रूप में à¤à¥€ जाना जाता है, जिसमें थà¥à¤°à¥€ पिमà¥à¤ªà¤²à¥à¤¸, लोन हिल, नॉल और काजल शामिल हैं और दो सà¥à¤ªà¤° लाइनों में विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ हैं। पà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤‚ट 4700 रिज में पीटी 4700, सैडल, टॉमी, संगर, रॉकी और जंकà¥à¤¶à¤¨ पà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤‚ट शामिल थे। उस कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में वांछित उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने के लिà¤, दो चरणों में बहà¥à¤¦à¤¿à¤¶à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• हमले शà¥à¤°à¥‚ करने की à¤à¤• साहसिक योजना तैयार की गई थी।
परिचालन योजना के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, चरण- I में, 2 राज रिफ़ को नॉल और लोन हिल पर कबà¥à¤œà¤¼à¤¾ करना था और 29 जून की सà¥à¤¬à¤¹ तक जंकà¥à¤¶à¤¨ पॉइंट से संपरà¥à¤• करना था। 18 गढ़ रिफ़ को 29 जून की सà¥à¤¬à¤¹ तक टॉमी, सैडल और पीटी 4700 को पकड़ने का काम सौंपा गया था। चरण- II में, 2 राज रिफ को दोपहर तक थà¥à¤°à¥€ पिंपलà¥à¤¸ को साफ़ करना था और 16 गà¥à¤°à¥‡à¤¨à¥‡à¤¡à¤¿à¤¯à¤°à¥à¤¸ बटालियन को सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का फायदा उठाना था और 30 जून तक जंकà¥à¤¶à¤¨ पॉइंट पर कबà¥à¤œà¤¼à¤¾ करना था। इस चरण में, 18 गढ़ रिफ को रॉकी और सेंगर पर कबà¥à¤œà¤¾ करने और उसके बाद 30 जून तक जंकà¥à¤¶à¤¨ पà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤‚ट पर 16 गà¥à¤°à¥‡à¤¨à¥‡à¤¡à¤¿à¤¯à¤°à¥à¤¸ के साथ जà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡ का काम सौंपा गया था। मेजर पदà¥à¤®à¤ªà¤¾à¤£à¤¿ आचारà¥à¤¯ की कमान के तहत 2 राज रिफ की 'à¤' कंपनी को 'काजल' की दिशा से नोल पर कबà¥à¤œà¤¾ करने का काम सौंपा गया था। मेजर मोहित सकà¥à¤¸à¥‡à¤¨à¤¾ की कमान के तहत 2 राज रिफ की 'डी' कंपनी को लोन हिल पर कबà¥à¤œà¤¾ करने का काम सौंपा गया था, जबकि मेजर बजाज की कमान के तहत 'बी' कंपनी को लोन हिल के पतन के बाद जंकà¥à¤¶à¤¨ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° की ओर à¤à¤¾à¤—ना था। कैपà¥à¤Ÿà¤¨ नेइकेà¤à¤¾à¤•à¥à¤“ केंगà¥à¤°à¥à¤¸à¥‡ की कमान के तहत घटक पलटन को लोन हिल के उतà¥à¤¤à¤° और दकà¥à¤·à¤¿à¤£ में बà¥à¤²à¥‰à¤• सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ करना था। 2 राज रिफ और 18 गढ़ रिफ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ हमला 28 जून 1999 को 2030 बजे शà¥à¤°à¥‚ हà¥à¤†à¥¤
मेजर मोहित सकà¥à¤¸à¥‡à¤¨à¤¾ के नेतृतà¥à¤µ में 2 राज रिफ की 'डी' कंपनी ने बà¥à¤²à¥ˆà¤• रॉक को मात दी और लोन हिल पर हमला किया, जिसमें तीन टकà¥à¤•रें शामिल थीं। पहले दो धकà¥à¤•ों को पकड़ लिया गया लेकिन चटà¥à¤Ÿà¤¾à¤¨ की सतह पर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ तीसरे धकà¥à¤•ों ने कड़ा पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§ पेश किया। इसके बाद कैपà¥à¤Ÿà¤¨ नेइकेà¤à¤¾à¤•à¥à¤“ केंगà¥à¤°à¥à¤¸à¥‡ को अपनी घातक पलटन के साथ उतà¥à¤¤à¤° से बमà¥à¤ª पर कबà¥à¤œà¤¾ करने का आदेश दिया गया। मेजर पदà¥à¤®à¤ªà¤¾à¤£à¤¿ आचारà¥à¤¯ की कमान के तहत 2 राज रिफ की 'à¤' कंपनी ने à¤à¥€ 'काजल' की दिशा से नोल पर कबà¥à¤œà¤¾ करने की योजना के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° हमला किया। आरà¤à¤«à¤à¤¨ ओम पà¥à¤°à¤•ाश सहित 2 राज राइफल सैनिकों के साथ कई घंटों तक à¤à¥€à¤·à¤£ गोलीबारी जारी रही, और सराहनीय बहादà¥à¤°à¥€ के साथ दà¥à¤¶à¥à¤®à¤¨ को उलà¤à¤¾à¤¯à¤¾à¥¤ अंततः दà¥à¤¶à¥à¤®à¤¨ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पर काबू पा लिया गया और उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ पर कबà¥à¤œà¤¼à¤¾ कर लिया गया। हालाà¤à¤•ि, ऑपरेशन के बाद पहाड़ी से नीचे उतरते समय, आरà¤à¤«à¤à¤¨ ओम पà¥à¤°à¤•ाश दà¥à¤¶à¥à¤®à¤¨ की गोलीबारी में गंà¤à¥€à¤° रूप से घायल हो गà¤à¥¤ बाद में उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपनी चोटों के कारण दम तोड़ दिया और 29 जून 1999 को शहीद हो गà¤à¥¤ आरà¤à¤«à¤à¤¨ ओम पà¥à¤°à¤•ाश के अलावा, 2 राज रिफ़ बटालियन के तीन अधिकारियों और नौ अनà¥à¤¯ सैनिकों ने इस पूरे ऑपरेशन के दौरान अपनी जान दे दी। अनà¥à¤¯ शहीद बहादà¥à¤°à¥‹à¤‚ में शामिल हैं, मेजर पदà¥à¤®à¤ªà¤¾à¤£à¤¿ आचारà¥à¤¯, कैपà¥à¤Ÿà¤¨ विजयंत थापर, कैपà¥à¤Ÿà¤¨ नीकेà¤à¤¾à¤•à¥à¤“ केंगà¥à¤°à¥à¤¸à¥‡, हवलदार à¤à¤¸à¤à¤¸ सेंगर, हवलदार सतà¥à¤¯à¤¬à¥€à¤° सिंह, नायक आनंद सिंह, लांस नायक सतपाल सिंह, लांस नायक विकà¥à¤°à¤® सिंह, राइफलमैन जेà¤à¤¸ शेखावत, राइफलमैन सतà¥à¤¯à¤µà¥€à¤° सिंह, राइफलमैन जसवीर सिंह और राइफलमैन कंवर पाल सिंह। राइफलमैन ओम पà¥à¤°à¤•ाश सिंह à¤à¤• बहादà¥à¤° और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¦à¥à¤§ सैनिक थे, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपने करà¥à¤¤à¤µà¥à¤¯ का पालन करते हà¥à¤ 31 वरà¥à¤· की आयॠमें अपने पà¥à¤°à¤¾à¤£ नà¥à¤¯à¥Œà¤›à¤¾à¤µà¤° कर दिà¤à¥¤
सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ विवेकानंद सà¥à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€ विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤²à¤¯ की ओर से राइफलमैन ओम पà¥à¤°à¤•ाश सिंह रघà¥à¤µà¤‚शी को उनकी पà¥à¤£à¥à¤¯à¤¤à¤¿à¤¥à¤¿ पर बारंबार नमन !




