नायक शिंदे शंकर चंद्रभान, शौर्य चक्र (मरणोपरांत) का जन्म महाराष्ट्र के नासिक जिले के चांदवड तहसील के भयले गांव में हुआ था । एक साधारण कृषि पृष्ठभूमि से आने वाले 34 वर्षीय नायक शिंदे दो भाइयों में छोटे थे। अपनी शिक्षण क्षमताओं के लिए प्यार से मास्टर कहे जाने वाले नाइक शिंदे ने अपनी 15 वर्षों की सेवा में संयुक्त राष्ट्र बल के हिस्से के रूप में भारत के साथ-साथ विदेशों में विभिन्न कठिन और प्रतिकूल स्थानों पर सेवा की । वे सेना में शामिल हुए और उन्हें मराठा लाइट इन्फैंट्री में नियुक्त किया गया। कुछ समय बाद उन्हें 41 राष्ट्रीय राइफल्स (आर आर) में सेवा के लिए नियुक्त किया गया जो यूनिट आतंकवाद अभियानों के लिए जम्मू - कश्मीर में तैनात थी। असाधारण फायरिंग कौशल वाले शारीरिक रूप से फिट नायक शिंदे 2012 में दक्षिणी सूडान में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन का भी हिस्सा थे। इससे पहले 2006-07 में उन्हें आतंकवाद से निपटने के लिए उसी आरआर यूनिट में तैनात किया गया था। उनके बड़े भाई भारतीय सेना की विशिष्ट पैरा (विशेष बल) बटालियन में एक जूनियर कमीशंड अधिकारी हैं।
2015-16 के दौरान नायक शिंदे शंकर चंद्रभान 41 राष्ट्रीय राइफल्स में कार्यरत थे जो जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों में लगी हुई थी। यूनिट कुपवाड़ा जिले में काम कर रही थी जो एक आतंकवादी प्रभावित क्षेत्र था और चुनौतीपूर्ण स्थितियों की पेशकश करता था। 13 फरवरी 2016 को यूनिट को खुफिया सूत्रों से उसके नियंत्रण वाले क्षेत्र में कुछ कट्टर आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में जानकारी मिली। खूंखार आतंकवादियों से निपटने के लिए खोज और विनाश अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया।
नायक शिंदे शंकर चंद्रभान उस टीम का हिस्सा थे जिसने ऑपरेशन का नेतृत्व किया था। टीम ने संदिग्ध क्षेत्र को घेर लिया और जल्द ही आतंकवादियों को देख लिया जिन्होंने चुनौती दिए जाने पर गोलीबारी शुरू कर दी। दोनों ओर से भीषण गोलीबारी हुई जिसमें सैनिक लश्कर-ए-तैयबा समूह के पांच आतंकवादियों को मार गिराने में सफल रहे। परन्तु इस भारी गोलीबारी के दौरान नायक शिंदे शंकर चंद्रभान गंभीर रूप से घायल हुए ओर शहीद हो गए । नायक शिंदे शंकर चंद्रभान को उनकी बहादुरी, अदम्य भावना और बलिदान के लिए वीरता पुरस्कार "शौर्य चक्र" (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया । उनके परिवार में उनके माता-पिता, पत्नी और दो बच्चे हैं।
स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से नायक शिंदे शंकर चंद्रभान, शौर्य चक्र (मरणोपरांत) को उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन !




