सिपाही हेतराम गोदारा का जन्म 25 जनवरी 1993 को राजस्थान के बीकानेर जिले के सोनिगासर गोदार गांव में हुआ था । 2013 में वे सेना में शामिल हुए और उन्हें 9 जाट रेजिमेंट में नियुक्त किया गया। अपनी यूनिट के साथ कुछ वर्षों तक सेवा करने के बाद उन्हें 34 राष्ट्रीय राइफल्स (आर आर) में नियुक्त किया गया जो आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए जम्मू-कश्मीर में तैनात थी ।
31 मार्च 2018 को सुरक्षा बलों को जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले के कचेदूरा में 5 से 6 कट्टर आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में खुफिया सूत्रों से जानकारी मिली। इनपुट के विश्लेषण के बाद सुरक्षा बलों द्वारा एक संयुक्त अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया। आतंकियों को ढेर करने के लिए 34 आरआर, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के तत्वों की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया जो 31 मार्च 2018 की देर रात कार्रवाई में जुट गई। टीम ने एक अच्छी तरह से समन्वित अभियान शुरू किया और कचेदूरा में संदिग्ध क्षेत्र की घेराबंदी की। चुनौती दिए जाने पर आतंकवादियों ने सैनिकों पर गोलीबारी कर दी और उसके बाद अगले दिन तक कई घंटों तक भीषण गोलीबारी हुई।
कई घंटों तक गोलीबारी के बाद हमलावर टीम ने आतंकवादियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे संदिग्ध घर पर हमला करने का फैसला किया। 34 आरआर के सैनिकों की एक छोटी टीम ने ऑपरेशन का नेतृत्व किया और अन्य सैनिकों के साथ कवर फायर प्रदान करते हुए घर पर धावा बोल दिया। यह एक साहसी और जोखिम भरा ऑपरेशन था क्योंकि आतंकवादी घर के भीतर किलेबंद स्थानों से छिप रहे थे और गोलीबारी कर रहे थे। लेकिन सेना के वीर जवानों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए साहसिक कदम उठाया और घर पर धावा बोल दिया। भारी गोलीबारी के दौरान चार आतंकवादी मारे गए और ऑपरेशन 01 अप्रैल 2018 को दोपहर तक सफलतापूर्वक समाप्त हो गया। परन्तु ऑपरेशन के दौरान 34 आरआर के सिपाही हेतराम, गनर नीलेश सिंह और गनर अरविंदर कुमार गंभीर रूप से घायल हुए और शहीद हो गए।
सिपाही हेतराम गोदारा एक बहादुर और प्रतिबद्ध सैनिक थे जिन्होंने देश की सेवा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए ।
स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से सिपाही हेतराम गोदारा को उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन !
सिपाही हेतराम के परिवार में उनकी पत्नी सुंदरी हैं।




