नायक परवेज़ खान का जन्म 07 जनवरी 1990 को राजस्थान के राजसमंद जिले के शेखा वास गाँव में हुआ था । सेना के एक अनुभवी हवलदार मंगू खान और श्रीमती शांता बी के बेटे नायक परवेज़ खान हमेशा अपने पिता की तरह सेना की वर्दी पहनना चाहते थे। आखिरकार अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद 2009 में वे 19 साल की उम्र में सेना में शामिल हो गए। उन्हें प्रसिद्ध ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट की 5वीं बटालियन में शामिल किया गया जो एक पैदल सेना रेजिमेंट है जो अपने बहादुर सैनिकों और कई युद्ध सम्मानों के लिए जानी जाती है। 2019 तक नायक परवेज़ खान ने लगभग दस साल की सेवा की थी और एक समर्पित और अनुशासित सैनिक के रूप में विकसित हुए थे। कुछ वर्षों तक सेवा करने के बाद नायक परवेज़ ने सुश्री शहनाज़ से शादी कर ली और दंपति की एक बेटी रुबिया और बेटा जिशान पैदा हुए ।
2019 के दौरान नायक परवेज खान की यूनिट 05 ग्रेनेडियर्स को जम्मू-कश्मीर के बारामुल्ला जिले में तैनात किया गया था। यूनिट के जवान एलओसी के साथ बारामुल्ला जिले में अग्रिम चौकियों पर तैनात थे। चौकियों पर तैनात रहने के अलावा यूनिट के जवानों को अपने एओआर (जिम्मेदारी के क्षेत्र) के तहत क्षेत्र की निगरानी के लिए नियमित रूप से सशस्त्र गश्त करनी पड़ती थी। चौकियां अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्थित थीं जहां मौसम की स्थिति खराब थी और इलाका ऊबड़-खाबड़ था। कई चौकियां साथ ही यूनिट के गश्ती मार्ग, विशेष रूप से सर्दियों के मौसम में बर्फानी तूफान हिमस्खलन और अप्रत्याशित भूस्खलन से ग्रस्त थे। ऐसा ही एक भूस्खलन 28 मार्च 2019 को यूनिट के गश्ती दल पर हुआ। नायक परवेज खान अपने कुछ साथियों के साथ इस गश्ती दल का हिस्सा थे।
अचानक हुए भूस्खलन के परिणामस्वरूप नायक परवेज खान गश्ती मार्ग के साथ बहने वाली एक गहरी धारा में गिर गए। बचाव दल को तुरंत भेजा गया जिसने नाले से नायक परवेज खान को निकाला जो गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें आवश्यक चिकित्सा उपचार प्रदान करने के लिए श्रीनगर के 92 बेस अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। परन्तु गंभीर चोटों के कारण शहीद हो गए। नायक परवेज खान एक बहादुर और प्रतिबद्ध सैनिक थे जिन्होंने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए 29 वर्ष की आयु में अपने प्राण न्योछावर कर दिए ।
स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से नायक परवेज़ खान को उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन !
नायक परवेज खान खान के परिवार में उनके पिता सेना के अनुभवी हवलदार मंगू खान, मां श्रीमती शांता बी, पत्नी श्रीमती शहनाज, बेटी रुबिया और बेटा जिशान हैं।




