आम जनता को यह अवगत कराना आवश्यक है कि भारत को स्वतन्त्रता बिना खड्ग, बिना ढ़ाल के ना तो मिली और ना ही एयर कन्डीशन्ड कमरों में या सभागारों में बैठकर मीठी-मीठी बातों से उसकी सुरक्षा की जा रही है। भारत को स्वतन्त्रता असंख्य वीरों के बलिदानों के फलस्वरूप मिली है एवं आज भी देश के भीतर एवं देश की सीमाओं पर उसकी प्रतिदिन सुरक्षा सिपाहियों एवं सैनिकों के बलिदानों से की जा रही है। हमारा यह दायित्व है कि हम ऐसे वीरों के परिवारों, जिन्होंने देश को स्वतन्त्रता दिलाने एवं उसकी रक्षा करने के लिए अपने जीवन का बलिदान कर दिया हो समाज में विशेष सम्मान दिलवाएं एवं उनको हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराएं। ऐसे सैनिकों के परिवारों को भी उचित मान-सम्मान, संरक्षण दिलाया जाए जोकि सीमा पर विषम परिस्थितियों में रहकर भी हमारे देश की रक्षा कर रहे हैं।
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| DOB | 1927-10-21 |
| Martyr | Battle Casualty |
कैप्टन एरिक जेम्स टकर का जन्म 21 अक्टूबर 1927 को हुआ था। 13 जुलाई 1947 को उन्हें मराठा लाइट इन्फैंट्री में नियुक्त किया गया । नागा विद्रोह आज़ादी के बाद भारत का पहला और सबसे पुराना विद्रोह था जो 1957 के दौरान भी लगातार चल रहा था । 02 अगस्त 1957 को कैप्टन एरिक जेम्स टकर एक पलटन के साथ खुज़ामी से किविखु की ओर बढ़ रहे थे तो उग्रवादियों ने छिपी हुई जगहों से तेज़ ऑटोमैटिक फायरिंग शुरू की जिसमे, कैप्टन एरिक जेम्स टकर को चेहरे और पैरों पर गोलियां लगने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गए लेकिन वे डटे रहे और लड़ते रहे। लेकिन बाद में अपनी चोटो के कारण वीरगति को प्राप्त हो गए। कैप्टन एरिक जेम्स टकर को उनके साहस, अटल नेतृत्व और बलिदान के लिए सर्वोच्च वीरता पुरस्कार "अशोक चक्र" (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया । स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से Capt Eric James Tucker AC को उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
| DOB | 1975-08-02 |
| Martyr | Battle Casualty |
मेजर पी श्याम सुंदर, सेना मैडल (मरणोपरांत) का जन्म 02 अगस्त 1975 को शिशु मंगल कोलकाता में हुआ था। 1997 में वे आईएमए से पास आउट हुए और उन्हें 19 मद्रास रेजिमेंट में नियुक्त किया गया। 2006 के दौरान उन्हें 38 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात किया गया जो पुंछ सेक्टर में आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन में तैनात थी। 05 मार्च 2006 को उनकी यूनिट ने खुफिया सूत्रों के आधार पर पुंछ जिले में आतंकवादियों के खिलाफ एक खोज और विनाश अभियान शुरू किया। इसके बाद भीषण गोलीबारी हुई और उन्होंने कुछ आतंकवादी मार गिराए । परन्तु इसी दौरान वे गंभीर रूप से घायल हुए और वीरगति को प्राप्त हो गए। मेजर श्याम सुंदर को उनके साहस, अटल नेतृत्व और सर्वोच्च बलिदान के लिए वीरता पुरस्कार "सेना मेडल" (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया । स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से MAJ P SHYAM SUNDAR- SM को उनकी जयंती पर बारंबार नमन!
| DOB | 1973-08-02 |
| Martyr | Battle Casualty |
L NK RAJ KUMAR स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से L NK RAJ KUMAR को उनकी जयंती पर बारंबार नमन!
Our endeavour is to spread awareness for the forthcoming generations to learn and recognise the sacrifice made by our young officers and men of the Armed Forces and an attempt to honour them by remembering them.







