आम जनता को यह अवगत कराना आवश्यक है कि भारत को स्वतन्त्रता बिना खड्ग, बिना ढ़ाल के ना तो मिली और ना ही एयर कन्डीशन्ड कमरों में या सभागारों में बैठकर मीठी-मीठी बातों से उसकी सुरक्षा की जा रही है। भारत को स्वतन्त्रता असंख्य वीरों के बलिदानों के फलस्वरूप मिली है एवं आज भी देश के भीतर एवं देश की सीमाओं पर उसकी प्रतिदिन सुरक्षा सिपाहियों एवं सैनिकों के बलिदानों से की जा रही है। हमारा यह दायित्व है कि हम ऐसे वीरों के परिवारों, जिन्होंने देश को स्वतन्त्रता दिलाने एवं उसकी रक्षा करने के लिए अपने जीवन का बलिदान कर दिया हो समाज में विशेष सम्मान दिलवाएं एवं उनको हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराएं। ऐसे सैनिकों के परिवारों को भी उचित मान-सम्मान, संरक्षण दिलाया जाए जोकि सीमा पर विषम परिस्थितियों में रहकर भी हमारे देश की रक्षा कर रहे हैं।
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लांस नायक रोहिताशà¥à¤µ गà¥à¤°à¥à¤œà¤°, सेना मेडल (मरणोपरांत) का जनà¥à¤® 02 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ 1976 को राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के à¤à¥à¤‚à¤à¥à¤¨à¥‚ जिले में हà¥à¤† था । 18 मारà¥à¤š 1996 को वे आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤°à¥€ की 288 मीडियम रेजीमेंट में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ हà¥à¤ । 2008 के दौरान लांस नायक रोहिताशà¥à¤µ गà¥à¤°à¥à¤œà¤° की यूनिट जमà¥à¤®à¥‚-कशà¥à¤®à¥€à¤° के बà¥à¤¦à¥à¤§à¤–रà¥à¤¬à¥‚ में तैनात थी जहाठसड़क à¤à¥‚सà¥à¤–लन का खतरा रहता है। 23 अपà¥à¤°à¥ˆà¤² 2008 को लांस नायक गà¥à¤°à¥à¤œà¤° की यूनिट की गाड़ी गोला-बारूद ले जाते समय दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो गयी जिसमे लांस नायक रोहिताशà¥à¤µ गà¥à¤°à¥à¤œà¤° गंà¤à¥€à¤° रूप से घायल हो गठऔर वीरगति को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हो गà¤à¥¤ लांस नायक रोहिताशà¥à¤µ गà¥à¤°à¥à¤œà¤° को उनके उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿ साहस, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¦à¥à¤§à¤¤à¤¾ और बलिदान के लिठ"सेना मेडल" (मरणोपरांत) से समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया गया । स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
Our endeavour is to spread awareness for the forthcoming generations to learn and recognise the sacrifice made by our young officers and men of the Armed Forces and an attempt to honour them by remembering them.







