आम जनता को यह अवगत कराना आवश्यक है कि भारत को स्वतन्त्रता बिना खड्ग, बिना ढ़ाल के ना तो मिली और ना ही एयर कन्डीशन्ड कमरों में या सभागारों में बैठकर मीठी-मीठी बातों से उसकी सुरक्षा की जा रही है। भारत को स्वतन्त्रता असंख्य वीरों के बलिदानों के फलस्वरूप मिली है एवं आज भी देश के भीतर एवं देश की सीमाओं पर उसकी प्रतिदिन सुरक्षा सिपाहियों एवं सैनिकों के बलिदानों से की जा रही है। हमारा यह दायित्व है कि हम ऐसे वीरों के परिवारों, जिन्होंने देश को स्वतन्त्रता दिलाने एवं उसकी रक्षा करने के लिए अपने जीवन का बलिदान कर दिया हो समाज में विशेष सम्मान दिलवाएं एवं उनको हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराएं। ऐसे सैनिकों के परिवारों को भी उचित मान-सम्मान, संरक्षण दिलाया जाए जोकि सीमा पर विषम परिस्थितियों में रहकर भी हमारे देश की रक्षा कर रहे हैं।
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| DOB | 1959-12-08 |
| Martyr | Battle Casualty |
हवलदार पी के कमलासनन का जन्म 08 दिसम्बर 1959 को केरल के पथानामथिट्टा जिले के नारंगनम गांव में हुआ था। 04 नवम्बर 1979 को वे सेना में शमिल हुए और उन्हें 12 मद्रास रेजिमेंट में नियुक्त किया गया । वर्ष 1987 में हवलदार कमलासनन की यूनिट को आई पी के ऍफ़ के हिस्से के रूप में श्रीलंका भेजा गया। 04 नवम्बर 1987 को हवलदार कमलासनन की यूनिट को लिट्टे उग्रवादियों के संदिग्ध ठिकाने पर तलाशी अभियान शुरू करने का काम सौंपा गया था। हवलदार कमलासनन नम्बर 2 बैच के टीम हवलदार थे जो चावकचेरी - सवासलाई - मीसलाई रोड पर तलाशी अभियान में लगे थे । इसी दौरान आतंकवादियों ने उनकी टीम पर प्रभावी गोलीबारी कर दी । हवलदार कमलासनन ने अपनी जान की परवाह किए बिना आतंकवादियों पर हमला कर दिया जिससे आतंकवादी घबरा गए और अपनी पोस्ट छोड़कर भाग गए। परन्तु इस गोलीबारी में हवलदार कमलासनन के पेट में दो गोलियां लगीं और वे शहीद हो गए। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से Hav P K Kamalasanan VrC को उनकी पुण्यतिथि पर नमन!
| DOB | 1976-11-04 |
| Martyr | Battle Casualty |
लेफ्टिनेंट कमांडर राहुल नायर का जन्म 04 नवम्बर 1976 को केरल में हुआ था। वे एनडीए से पास आउट हुए और उन्हें नौसेना में सब लेफ्टिनेंट के रूप में नियुक्त किया गया और बाद में लड़ाकू पायलट के रूप में प्रशिक्षित किया गया। 03 मार्च 2010 में एरोबेटिक टीम "सागर पवन" को हैदराबाद में एक एयर शो में प्रदर्शन करने का काम सौंपा गया जिसका वे हिस्सा थे। इसी दौरान तकनीकी खराबी के कारण लेफ्टिनेंट कमांडर नायर और कमांडर सुरेश के मौर्य द्वारा उड़ाया जा रहा विमान ऊपर चढ़ने में विफल रहा और इमारतों से टकरा गया। जिस कारण लेफ्टिनेंट कमांडर नायर और कमांडर सुरेश के मौर्य वीरगति को प्राप्त हो गये। लेफ्टिनेंट कमांडर राहुल नायर एक बहादुर अधिकारी और सक्षम पायलट थे जिन्होंने 33 साल की उम्र में देश की सेवा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से Lt Cdr Rahul Nair को उनकी जयंती पर नमन!
| DOB | 1957-11-04 |
| Martyr |
कर्नल हरेंद्र कुमार सहरावत, "सेना मेडल " (मरणोपरांत) का जन्म 04 नवंबर 1957 को उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के झंगेठी गांव में हुआ था। 13 दिसंबर 1980 को वे सेकेंड लेफ्टिनेंट के रूप में पास हुए और उन्हें 18 मद्रास रेजिमेंट में नियुक्त किया गया। 2002 के दौरान वे 8 राष्ट्रीय राइफल्स में कमान अधिकारी के रूप में तैनात थे जो आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए जम्मू-कश्मीर में तैनात थी। 20 अगस्त 2002 को उन्होंने जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में एक तलाशी अभियान शुरू किया। इसी दौरान उग्रवादियों द्वारा सड़क पर लगाए गए रिमोट-नियंत्रित आईईडी में विस्फोट हो गया जिसके कारण वे गंभीर रूप से घायल हुए और वीरगति को प्राप्त हो गए। कर्नल एच के सहरावत को उनकी सराहनीय बहादुरी, कर्तव्य के प्रति समर्पण, नेतृत्व और सर्वोच्च बलिदान के लिए वीरता पुरस्कार "सेना मेडल " (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के गेट नम्बर 4 का नाम शहीद कर्नल हरेंद्र कुमार सहरावत के नाम पर रखा गया है। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से Col Harendra Kumar Sharawat SM को उनकी जयंती पर नमन!
Our endeavour is to spread awareness for the forthcoming generations to learn and recognise the sacrifice made by our young officers and men of the Armed Forces and an attempt to honour them by remembering them.







