आम जनता को यह अवगत कराना आवश्यक है कि भारत को स्वतन्त्रता बिना खड्ग, बिना ढ़ाल के ना तो मिली और ना ही एयर कन्डीशन्ड कमरों में या सभागारों में बैठकर मीठी-मीठी बातों से उसकी सुरक्षा की जा रही है। भारत को स्वतन्त्रता असंख्य वीरों के बलिदानों के फलस्वरूप मिली है एवं आज भी देश के भीतर एवं देश की सीमाओं पर उसकी प्रतिदिन सुरक्षा सिपाहियों एवं सैनिकों के बलिदानों से की जा रही है। हमारा यह दायित्व है कि हम ऐसे वीरों के परिवारों, जिन्होंने देश को स्वतन्त्रता दिलाने एवं उसकी रक्षा करने के लिए अपने जीवन का बलिदान कर दिया हो समाज में विशेष सम्मान दिलवाएं एवं उनको हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराएं। ऐसे सैनिकों के परिवारों को भी उचित मान-सम्मान, संरक्षण दिलाया जाए जोकि सीमा पर विषम परिस्थितियों में रहकर भी हमारे देश की रक्षा कर रहे हैं।
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सिपाही मुनियप्पन का जन्म 25 मार्च 1966 को कर्नाटक के बैंगलोर जिले में हुआ था। 31 दिसंबर 1985 को वे सेना सेवा कोर में भर्ती हुए और बाद में 16 राष्ट्रीय राइफल्स में नियुक्त हुए । खुफिया जानकारी के आधार पर 22 मई 1996 को उनकी यूनिट ने एक आतंकवाद विरोधी अभियान की योजना बनाई। सिपाही मुनियप्पन उस टीम का हिस्सा थे। इसके बाद भारी गोलीबारी के साथ भीषण मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के दौरान सिपाही मुनियप्पन के सीने में गोली लग गई और वे गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में वीरगति को प्राप्त हो गए। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
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नायक गावडे पांडुरंग महादेव,शौर्य चक्र (मरणोपरांत ) महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले के अंबोली गांव के रहने वाले थे। 21 सितंबर 2001 को सेना में शामिल हुए और उन्हें मराठा लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट में और बाद में 41 राष्ट्रीय राइफल्स में नियुक्त किया गया जो आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन में लगी हुई थी। 21 मई 2016 को आतंकवादियों को पकड़ने के लिए सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की एक संयुक्त टीम शुरू की गई थी। नाइक गावड़े उस टुकड़ी का हिस्सा बने। भारी गोलाबारी के दौरान उनके सिर और चेहरे पर चोटें आईं जिसके बाद उन्हें 168 सैन्य अस्पताल में ले जाया गया जहाँ 22 मई 2016 को वे वीरगति को प्राप्त हो गए। नाइक गावडे को उनके विशिष्ट साहस, लड़ाई की भावना और सर्वोच्च बलिदान के लिए वीरता पुरस्कार "शौर्य चक्र" (मरणोपरांत ) से सम्मानित किया गया। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
Flight Lieutenant S Achudev स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से जयंती पर बारंबार नमन !
SQN LDR AJAY AHUJA- Vr C स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से जयंती पर बारंबार नमन !
Our endeavour is to spread awareness for the forthcoming generations to learn and recognise the sacrifice made by our young officers and men of the Armed Forces and an attempt to honour them by remembering them.







