आम जनता को यह अवगत कराना आवश्यक है कि भारत को स्वतन्त्रता बिना खड्ग, बिना ढ़ाल के ना तो मिली और ना ही एयर कन्डीशन्ड कमरों में या सभागारों में बैठकर मीठी-मीठी बातों से उसकी सुरक्षा की जा रही है। भारत को स्वतन्त्रता असंख्य वीरों के बलिदानों के फलस्वरूप मिली है एवं आज भी देश के भीतर एवं देश की सीमाओं पर उसकी प्रतिदिन सुरक्षा सिपाहियों एवं सैनिकों के बलिदानों से की जा रही है। हमारा यह दायित्व है कि हम ऐसे वीरों के परिवारों, जिन्होंने देश को स्वतन्त्रता दिलाने एवं उसकी रक्षा करने के लिए अपने जीवन का बलिदान कर दिया हो समाज में विशेष सम्मान दिलवाएं एवं उनको हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराएं। ऐसे सैनिकों के परिवारों को भी उचित मान-सम्मान, संरक्षण दिलाया जाए जोकि सीमा पर विषम परिस्थितियों में रहकर भी हमारे देश की रक्षा कर रहे हैं।
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| DOB | |
| Martyr |
राइफलमैन नेमी चंद, "वीर चक्र" (मरणोपरांत) का जन्म 19 जुलाई 1969 को राजस्थान के नागौर जिले की डेगाना तहसील के जोधड़ास गांव में हुआ था। 31 जनवरी 1987 को वे भारतीय सेना की राजपुताना राइफल्स रेजिमेंट में भर्ती हुए। प्रशिक्षण के पश्चात उन्हें 11 राजपुताना राइफल्स बटालियन में राइफलमैन के पद पर नियुक्त किया गया। 26 अगस्त 1989 को, हेडक्वार्टर कंपनी की एक प्लाटून को मुल्लैतिवु से नेदुनकेनी जा रहे एक काफिले की सुरक्षा करने का कार्य सौंपा गया था। नेदुनकेनी की सुरक्षित यात्रा के पश्चात, लौटते समय औड्डसूदन के निकट लिट्टे उग्रवादियों ने घात लगाकर आक्रमण किया। भीषण मुठभेड़ में राइफलमैन नेमी चंद की जांघों पर अनेक गोलियां लगी और वे गंभीर रूप से घायल हुए और वीरगति को प्राप्त हो गए। 26 जनवरी 1991 को राइफलमैन नेमी चंद को "वीर चक्र" (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से Rifleman Nemi Chand VrC को उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
| DOB | 1947-06-07 |
| Martyr | Battle Casualty |
सूबेदार मोडा राम, "सेना मेडल" (मरणोपरांत) का जन्म राजस्थान के नागौर जिले के सुनारी गांव में हुआ था। वे सेना में शामिल हुए और उन्हें 10 पैरा (एसएफ) में नियुक्त किया गया। अगस्त 1987 में सूबेदार मोडा राम की यूनिट को ऑपरेशन पवन (श्रीलंका) में शामिल किया गया। 26 अगस्त 1988 को उनकी यूनिट को एक ऑपरेशन का काम सौंपा गया जिसका वे हिस्सा थे। जैसे ही सूबेदार मोडा राम और उनके साथी संदिग्ध क्षेत्र में पहुंचे तो भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने उन पर हमला कर दिया। सूबेदार मोडा राम और उनकी टीम ने कार्रवाई करते हुए सात आतंकवादियों को मार गिराया लेकिन वे गंभीर रूप से घायल हुए और वीरगति को प्राप्त हो गए। सूबेदार मोडा राम को उनके सराहनीय साहस, अदम्य भावना और सर्वोच्च बलिदान के लिए वीरता पुरस्कार "सेना मेडल" (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से Subedar Moda Ram SM को उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
| DOB | |
| Martyr | Battle Casualty |
Flight Officer Vaibhav Bhagwat SC स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से Flight Officer Vaibhav Bhagwat SC को उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
| DOB | 1968-03-20 |
| Martyr | Battle Casualty |
Flight Lieutenant Sandeep Jain SC स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से Flight Lieutenant Sandeep Jain SC को उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
| DOB | |
| Martyr | Battle Casualty |
Sergeant Krishna C Jha स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से Sergeant Krishna C Jha को उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
Our endeavour is to spread awareness for the forthcoming generations to learn and recognise the sacrifice made by our young officers and men of the Armed Forces and an attempt to honour them by remembering them.







