आम जनता को यह अवगत कराना आवश्यक है कि भारत को स्वतन्त्रता बिना खड्ग, बिना ढ़ाल के ना तो मिली और ना ही एयर कन्डीशन्ड कमरों में या सभागारों में बैठकर मीठी-मीठी बातों से उसकी सुरक्षा की जा रही है। भारत को स्वतन्त्रता असंख्य वीरों के बलिदानों के फलस्वरूप मिली है एवं आज भी देश के भीतर एवं देश की सीमाओं पर उसकी प्रतिदिन सुरक्षा सिपाहियों एवं सैनिकों के बलिदानों से की जा रही है। हमारा यह दायित्व है कि हम ऐसे वीरों के परिवारों, जिन्होंने देश को स्वतन्त्रता दिलाने एवं उसकी रक्षा करने के लिए अपने जीवन का बलिदान कर दिया हो समाज में विशेष सम्मान दिलवाएं एवं उनको हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराएं। ऐसे सैनिकों के परिवारों को भी उचित मान-सम्मान, संरक्षण दिलाया जाए जोकि सीमा पर विषम परिस्थितियों में रहकर भी हमारे देश की रक्षा कर रहे हैं।
Read More
मेजर विकास यादव, सेना मैडल (मरणोपरांत) का जन्म 29 मार्च 1961 को हरियाणा में हुआ था। 26 अगस्त 1982 को वे सेना में शामिल हुए और उन्हें 7 जाट रेजिमेंट में नियुक्त किया गया। 1996 के दौरान उनकी यूनिट जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में तैनात थी और आतंकवाद विरोधी अभियानों में लगी हुई थी। 09 जून 1996 को मेजर विकास को अपनी यूनिट के उत्तरदायित्व वाले क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में खुफिया रिपोर्ट मिलने के बाद एक खोज और विनाश मिशन का काम सौंपा गया । मेजर विकास अपने सैनिकों के साथ कार्रवाई में जुट गए। इसी दौरान दोनों ओर से भीषण गोलीबारी हुई जिसमें मेजर विकास गंभीर रूप से घायल हुए और शहीद हो गए । मेजर विकास यादव को उनकी वीरता, अदम्य लड़ाई की भावना और सर्वोच्च बलिदान के लिए वीरता पुरुस्कार “सेना मैडल” (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से जयंती पर बारंबार नमन !
मेजर संकल्प यादव, सेना मैडल (मरणोपरांत) का जन्म 29 मार्च 1993 को राजस्थान के जयपुर में हुआ था । जून 2015 में वे ईएमए, देहरादून से पास आउट हुए और उन्हें 324 फील्ड रेजिमेंट में नियुक्त किया गया। इसके बाद उन्होंने हेलीकॉप्टर पायलट की ट्रेनिंग प्राप्त की और 2019 में श्रीनगर स्थित 663 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन में तैनात हुए । 11 मार्च 2022 को मेजर संकल्प यादव और उनके कैप्टन लेफ्टिनेंट कर्नल विवेक कुमार द्विवेदी ने चीता हेलीकॉप्टर में योजनानुसार एक मिशन के लिए उड़ान भरी। इसी दौरान उनका हेलीकॉप्टर जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले के गुरेज इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिसमें मेजर संकल्प यादव गंभीर रूप से घायल हुए और शहीद हो गए। मेजर संकल्प यादव को उनके असाधारण साहस, कर्तव्य के प्रति समर्पण और सर्वोच्च बलिदान के लिए वीरता पुरस्कार “सेना मैडल” (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से जयंती पर बारंबार नमन !
Our endeavour is to spread awareness for the forthcoming generations to learn and recognise the sacrifice made by our young officers and men of the Armed Forces and an attempt to honour them by remembering them.







