आम जनता को यह अवगत कराना आवश्यक है कि भारत को स्वतन्त्रता बिना खड्ग, बिना ढ़ाल के ना तो मिली और ना ही एयर कन्डीशन्ड कमरों में या सभागारों में बैठकर मीठी-मीठी बातों से उसकी सुरक्षा की जा रही है। भारत को स्वतन्त्रता असंख्य वीरों के बलिदानों के फलस्वरूप मिली है एवं आज भी देश के भीतर एवं देश की सीमाओं पर उसकी प्रतिदिन सुरक्षा सिपाहियों एवं सैनिकों के बलिदानों से की जा रही है। हमारा यह दायित्व है कि हम ऐसे वीरों के परिवारों, जिन्होंने देश को स्वतन्त्रता दिलाने एवं उसकी रक्षा करने के लिए अपने जीवन का बलिदान कर दिया हो समाज में विशेष सम्मान दिलवाएं एवं उनको हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराएं। ऐसे सैनिकों के परिवारों को भी उचित मान-सम्मान, संरक्षण दिलाया जाए जोकि सीमा पर विषम परिस्थितियों में रहकर भी हमारे देश की रक्षा कर रहे हैं।
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कैपà¥à¤Ÿà¤¨ सà¥à¤®à¥€à¤¤ रॉय, वीर चकà¥à¤° (मरणोपरांत) का जनà¥à¤® 10 सितंबर 1977 को हिमाचल पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के सोलन में हà¥à¤† था । उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सेना की 18 गà¥à¤µà¤¾à¤² राइफलà¥à¤¸ में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ किया गया । 1999 में उनकी यूनिट कारगिल यà¥à¤¦à¥à¤§ में शामिल थी। 28 जून 1999 को कैपà¥à¤Ÿà¤¨ सà¥à¤®à¥€à¤¤ रॉय और उनकी टीम को पà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤‚ट 4700 पर कबà¥à¤œà¤¾ करने का काम सौंपा गया। इसी दौरान कैपà¥à¤Ÿà¤¨ सà¥à¤®à¥€à¤¤ रॉय दà¥à¤¶à¥à¤®à¤¨ की चौकी पर पहà¥à¤‚चे और दà¥à¤¶à¥à¤®à¤¨ के संतरियों को मार डाला व दà¥à¤¶à¥à¤®à¤¨ के बाकि सैनिक à¤à¤¾à¤°à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ में हथियार और गोला-बारूद छोड़कर चौकी से à¤à¤¾à¤— गà¤à¥¤ उनकी इस कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ ने कारगिल यà¥à¤¦à¥à¤§ का रà¥à¤– ही बदल दिया। लेकिन दà¥à¤¶à¥à¤®à¤¨ की गोलीबारी के दौरान वे घायल हà¥à¤ और 03 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ 1999 को वीरगति को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हो गà¤à¥¤ ऑपरेशन के दौरान उनकी उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿ वीरता, नेतृतà¥à¤µ और सरà¥à¤µà¥‹à¤šà¥à¤š बलिदान के लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ "वीर चकà¥à¤°" (मरणोपरांत) से समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया गया। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
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कैपà¥à¤Ÿà¤¨ दीपक शरà¥à¤®à¤¾, कीरà¥à¤¤à¤¿ चकà¥à¤° (मरणोपरांत) का जनà¥à¤® 03 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ 1983 को हरियाणा में हà¥à¤† था। 16 सितमà¥à¤¬à¤° 2006 को वे सेना में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सिगà¥à¤¨à¤² कोर में नियà¥à¤•à¥à¤¤ किया गया । मारà¥à¤š 2008 में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ 42 राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ राइफलà¥à¤¸ (आर आर) में नियà¥à¤•à¥à¤¤ किया गया जो आतंकवाद विरोधी अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ के लिठजमà¥à¤®à¥‚ - कशà¥à¤®à¥€à¤° में तैनात थी। 04 मारà¥à¤š 2010 को à¤à¤• विशेष सूचना पर कैपà¥à¤Ÿà¤¨ दीपक शरà¥à¤®à¤¾ और उनके सैनिकों को पà¥à¤²à¤µà¤¾à¤®à¤¾ जिले के दादसरा गांव में à¤à¤• घर को खाली कराने का काम सौंपा गया था जहां हिजबà¥à¤² मà¥à¤œà¤¾à¤¹à¤¿à¤¦à¥€à¤¨ समूह के आतंकवादी छिपे थे। इसी दौरान कैपà¥à¤Ÿà¤¨ दीपक शरà¥à¤®à¤¾ और उनके सैनिकों ने तीन आतंकवादियों को मार गिराया परनà¥à¤¤à¥ उनकी गरà¥à¤¦à¤¨ में गोली लगी जिससे वे गंà¤à¥€à¤° रूप से घायल हà¥à¤ और वीरगति को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हो गà¤à¥¤ कैपà¥à¤Ÿà¤¨ दीपक शरà¥à¤®à¤¾ को उनके अनà¥à¤•रणीय साहस, अटल नेतृतà¥à¤µ और सरà¥à¤µà¥‹à¤šà¥à¤š बलिदान के लिठदेश के दूसरे सबसे बड़े शांतिकालीन वीरता पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार "कीरà¥à¤¤à¤¿ चकà¥à¤°" (मरणोपरांत) से समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया गया। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से जयंती पर बारंबार नमन !
करà¥à¤¨à¤² आशà¥à¤¤à¥‹à¤· शरà¥à¤®à¤¾, सेना मेडल (मरणोपरांत) का जनà¥à¤® 03 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ 1975 को उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के बà¥à¤²à¤‚दशहर जिले के परवाना गांव में हà¥à¤† था । उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सेना की 19 गारà¥à¤¡à¥à¤¸ में नियà¥à¤•à¥à¤¤ किया गया। उनकी बहादà¥à¤°à¥€ के कारà¥à¤¯ के लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ 26 जनवरी 2018 को वीरता के लिठ"सेना मैडल" और 15 अगसà¥à¤¤ 2019 "बार टू सेना मेडल" से समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया गया। 01 मई 2020 को à¤à¤• संयà¥à¤•à¥à¤¤ तलाशी अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ के दौरान करà¥à¤¨à¤² आशà¥à¤¤à¥‹à¤· शरà¥à¤®à¤¾ को गोली लगी जिससे वे गंà¤à¥€à¤° रूप से घायल हो गठऔर वीरगति को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हो गà¤à¥¤ करà¥à¤¨à¤² आशà¥à¤¤à¥‹à¤· शरà¥à¤®à¤¾ को उनके उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿ साहस नेतृतà¥à¤µ और सरà¥à¤µà¥‹à¤šà¥à¤š बलिदान के लिठ26 जनवरी 2021 को तीसरी बार वीरता पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार “सेना मेडल†(मरणोपरांत)से समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया गया । स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से जयंती पर बारंबार नमन !
Our endeavour is to spread awareness for the forthcoming generations to learn and recognise the sacrifice made by our young officers and men of the Armed Forces and an attempt to honour them by remembering them.







