आम जनता को यह अवगत कराना आवश्यक है कि भारत को स्वतन्त्रता बिना खड्ग, बिना ढ़ाल के ना तो मिली और ना ही एयर कन्डीशन्ड कमरों में या सभागारों में बैठकर मीठी-मीठी बातों से उसकी सुरक्षा की जा रही है। भारत को स्वतन्त्रता असंख्य वीरों के बलिदानों के फलस्वरूप मिली है एवं आज भी देश के भीतर एवं देश की सीमाओं पर उसकी प्रतिदिन सुरक्षा सिपाहियों एवं सैनिकों के बलिदानों से की जा रही है। हमारा यह दायित्व है कि हम ऐसे वीरों के परिवारों, जिन्होंने देश को स्वतन्त्रता दिलाने एवं उसकी रक्षा करने के लिए अपने जीवन का बलिदान कर दिया हो समाज में विशेष सम्मान दिलवाएं एवं उनको हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराएं। ऐसे सैनिकों के परिवारों को भी उचित मान-सम्मान, संरक्षण दिलाया जाए जोकि सीमा पर विषम परिस्थितियों में रहकर भी हमारे देश की रक्षा कर रहे हैं।
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| DOB | 1986-02-10 |
| Martyr | Battle Casualty |
कॉरपोरल नीलेश कुमार नयन का जन्म 10 फरवरी 1986 को बिहार के भागलपुर जिले के उधाडीह गांव में हुआ था। 2005 में वे भारतीय वायु सेना में शामिल हुए और बाद में उन्हें विशिष्ट गरुड़ बल, जिसकी जिम्मेदारी शांतिकाल के दौरान भारतीय वायुसेना के हवाई क्षेत्रों की रक्षा करना है उसके लिए चुना गया। वायु सेना की 617 गरुड़ फ्लाइट के कॉरपोरल नीलेश कुमार गरुड़ टीम का हिस्सा थे जो 2017 की शुरुआत से जम्मू-कश्मीर में उग्रवाद विरोधी अभियानों के लिए सेना के साथ उन्नत प्रशिक्षण ले रहे थे। 11 अक्टूबर 2017 को सुरक्षा बलों को बांदीपोरा जिले के हाजिन इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में ख़ुफ़िया सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर 13 राष्ट्रीय राइफल्स और गरुड़ बल की टीम के द्वारा आतंकवादियों के खिलाफ एक संयुक्त खोज एवं विनाश अभियान शुरू किया गया। संयुक्त टीम ने सुबह चार बजे संदिग्ध घर के चारों ओर घेराबंदी कर दी। चुनौती दिए जाने पर आतंकवादी ने घेरा दल की ओर ग्रेनेड फेंकते और अंधाधुंध गोलीबारी करते हुए घर से बाहर भागे। इसी दौरान कॉरपोरल नीलेश कुमार व सैनिकों ने दो भागते हुए दो आतंकवादियों को मार गिराया। हालाँकि इसी दौरान कॉरपोरल नीलेश कुमार को कई गोलियां लगीं जिससे वे गंभीर रूप से घायल हुए और वे वीरगति को प्राप्त हो गए। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से Cpl Nilesh Kumar Nayan SC को उनकी पुण्यतिथि पर नमन!
| DOB | 1984-02-17 |
| Martyr | Battle Casualty |
सार्जेंट खैरनार मिलिंद किशोर का जन्म 17 फरवरी 1984 को महाराष्ट्र के नासिक जिले के सकरी गांव में हुआ था। 2002 में वे भारतीय वायु सेना में शामिल हुए और बाद में उन्हें विशिष्ट गरुड़ बल जिसकी जिम्मेदारी शांतिकाल के दौरान भारतीय वायुसेना के हवाई क्षेत्रों की रक्षा करना है उसका हिस्सा बनने के लिए चुना गया। 2017 के दौरान सार्जेंट खैरनार मिलिंद किशोर 13 राष्ट्रीय राइफल्स के साथ उग्रवाद विरोधी अभियानों के लिए उन्नत प्रशिक्षण ले रहे थे। 11 अक्टूबर 2017 को ख़ुफ़िया सूत्रों के आधार पर 13 राष्ट्रीय राइफल्स और गरुड़ बल की टीम के द्वारा आतंकवादियों के खिलाफ एक संयुक्त खोज एवं विनाश अभियान शुरू किया गया। इसी दौरान दोनों ओर से भीषण गोलीबारी हुई जिसमें 13 राष्ट्रीय राइफल एवं गरुड़ बल की संयुक्त टीम ने दो आतंकवादियों को मार गिराया परन्तु भीषण गोलीबारी में सार्जेंट खैरनार मिलिंद किशोर गंभीर रूप से घायल हुए और वे शहीद हो गए। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से Sgt Khairnar Milind Kishore SC को उनकी पुण्यतिथि पर नमन!
Our endeavour is to spread awareness for the forthcoming generations to learn and recognise the sacrifice made by our young officers and men of the Armed Forces and an attempt to honour them by remembering them.







