आम जनता को यह अवगत कराना आवश्यक है कि भारत को स्वतन्त्रता बिना खड्ग, बिना ढ़ाल के ना तो मिली और ना ही एयर कन्डीशन्ड कमरों में या सभागारों में बैठकर मीठी-मीठी बातों से उसकी सुरक्षा की जा रही है। भारत को स्वतन्त्रता असंख्य वीरों के बलिदानों के फलस्वरूप मिली है एवं आज भी देश के भीतर एवं देश की सीमाओं पर उसकी प्रतिदिन सुरक्षा सिपाहियों एवं सैनिकों के बलिदानों से की जा रही है। हमारा यह दायित्व है कि हम ऐसे वीरों के परिवारों, जिन्होंने देश को स्वतन्त्रता दिलाने एवं उसकी रक्षा करने के लिए अपने जीवन का बलिदान कर दिया हो समाज में विशेष सम्मान दिलवाएं एवं उनको हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराएं। ऐसे सैनिकों के परिवारों को भी उचित मान-सम्मान, संरक्षण दिलाया जाए जोकि सीमा पर विषम परिस्थितियों में रहकर भी हमारे देश की रक्षा कर रहे हैं।
Read More
मेजर दीपक कà¥à¤®à¤¾à¤° पडà¥à¤¡à¤¾ "शौरà¥à¤¯ चकà¥à¤°" (मरणोपरांत) का जनà¥à¤® 30 जून 1976 को पंजाब के होशियारपà¥à¤° जिले में हà¥à¤† था। वे 23 वरà¥à¤· की आयॠमें अपनी शिकà¥à¤·à¤¾ पूरी करने के बाद सेना में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ हो गठ। वरà¥à¤· 2000 में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बखà¥à¤¤à¤°à¤¬à¤‚द कोर के 85 आरà¥à¤®à¤¡ रेजिमेंट में नियà¥à¤•à¥à¤¤ किया गया। 2005 में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ 14 गà¥à¤°à¥‡à¤¨à¥‡à¤¡à¤¿à¤¯à¤°à¥à¤¸ में कà¥à¤°à¥‰à¤¸-अटैचमेंट पर à¤à¥‡à¤œà¤¾ गया। 25 मई 2005 को खà¥à¤«à¤¿à¤¯à¤¾ सूतà¥à¤°à¥‹à¤‚ से मिली जानकारी के आधार पर 14 गà¥à¤°à¥‡à¤¨à¥‡à¤¡à¤¿à¤¯à¤°à¥à¤¸ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ मेजर दीपक कà¥à¤®à¤¾à¤° पडà¥à¤¡à¤¾ को ऑपरेशन को अंजाम देने का काम सौंपा गया । लंबी खोज के बाद सैनिकों ने आतंकवादियों से संपरà¥à¤• किया लेकन चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ दिठजाने पर आतंकवादियों ने कायरतापूरà¥à¤µà¤• उन पर गोलीबारी कर दी जिसमे मेजर दीपक कà¥à¤®à¤¾à¤° गंà¤à¥€à¤° रूप से घायल हो गà¤à¥¤ उनको चिकितà¥à¤¸à¤¾ के लिठदिलà¥à¤²à¥€ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾à¤‚तरित कर दिया गया लेकिन 04 जून 2005 को वे वीरगति को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हो गà¤à¥¤ मेजर दीपक कà¥à¤®à¤¾à¤° पडà¥à¤¡à¤¾ को असाधारण साहस, नेतृतà¥à¤µ और सरà¥à¤µà¥‹à¤šà¥à¤š बलिदान के लिठवीरता पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार "शौरà¥à¤¯ चकà¥à¤°" (मरणोपरांत) से समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया गया। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
Battle Casualty
लांस नायक राज कुमार महतो का जन्म 9 अक्टूबर 1974 को रांची झारखंड के गांव मासू में हुआ था। वे 1994 में सेना में भर्ती हो गए और उन्हें जाट रेजिमेंट की 12 जाट बटालियन में नियुक्त किया गया। जून 2004 के दौरान लांस नायक राज कुमार महतो को जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में तैनात 5 आरआर बटालियन में नियुक्त किया गया। 04 जून 2004 को यूनिट को खुफिया सूत्रों से दो कट्टर आतंकवादियों की मौजूदगी की जानकारी मिली। उग्रवादियों को पकड़ने के लिए तलाशी एवं घेराबंदी अभियान शुरू किया गया। घमासान गोलाबारी के चलते लांस नायक राज कुमार महतो को गोली लगी और वे वीरगति को प्राप्त हो गए। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
Battle Casualty
Hav Sunil Kumar Sharma स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
Battle Casualty
CFN Bharateshwar Padanad स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
Battle Casualty
HAV Parkash Chand स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
Battle Casualty
Hav Rajesh Kumar स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
Battle Casualty
Hav Randeep Singh स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
Battle Casualty
Havaldar Jagveer Singh स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
Battle Casualty
Havaldar Sat Pal Bhasin स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
Battle Casualty
Lance Naik Kuldeep Raj स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
Battle Casualty
Lance Naik Rajneesh Singh स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
Battle Casualty
Naik Ashok Kumar स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
Battle Casualty
Nb Sub Ram Singh SM स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
Battle Casualty
सिपाही विकास भारद्वाज का जन्म 19 जून 1991 को हिमाचल प्रदेश के मंडी ज़िले में हुआ था । वे 2011 में सेना की डोगरा रेजिमेंट में भर्ती हो गए । प्रशिक्षण के बाद सिपाही विकास भारद्वाज को डोगरा रेजिमेंट की 6 डोगरा में भेजा गया। 4 जून को, उनकी यूनिट के कुछ सैनिक 4 वाहनों के काफिले में मणिपुर की राजधानी इंफाल की ओर जा रही थे । जब वे चंदेल जिले को पार कर रहे थे, तो रास्ते में उग्रवादियों ने उन पर घात लगाकर हमला किया। काफिले पर उग्रवादियों द्वारा किए गए हमले की योजना एनएससीएन (के), कांगलेई यावोल कन्ना लूप (केवाईकेएल) और कांगलापाक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी) के कार्यकर्ताओं के एक संयुक्त समूह द्वारा बनाई गई थी। जब सैन्य काफिला चंदेल जिले के पारालोंग गांव और चारोंग गांव के बीच के इलाके में पहुंचा तो उन्होंने बारूदी सुरंग में विस्फोट कर दिया। जिसमें 50 सैनिकों के साथ लगभग 4 वाहन शामिल थे, जो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और विस्फोट के कारण कई सैनिक जलकर मर गए। सिपाही विकास भारद्वाज उन 18 बहादुर सैनिकों में से एक थे जो इस भयानक हमले में वीरगति को प्राप्त हो गए। । स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
Battle Casualty
Sepoy Jeetendra Kumar Kushwaha स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
Battle Casualty
Sepoy Manjit Singh स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
Battle Casualty
Sepoy Manoj Kumar स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
Battle Casualty
Sepoy Ram Prasad Yadav स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
Battle Casualty
Sepoy Sohan Singh स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
Battle Casualty
Sepoy Vijay Kumar स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
Our endeavour is to spread awareness for the forthcoming generations to learn and recognise the sacrifice made by our young officers and men of the Armed Forces and an attempt to honour them by remembering them.







