आम जनता को यह अवगत कराना आवश्यक है कि भारत को स्वतन्त्रता बिना खड्ग, बिना ढ़ाल के ना तो मिली और ना ही एयर कन्डीशन्ड कमरों में या सभागारों में बैठकर मीठी-मीठी बातों से उसकी सुरक्षा की जा रही है। भारत को स्वतन्त्रता असंख्य वीरों के बलिदानों के फलस्वरूप मिली है एवं आज भी देश के भीतर एवं देश की सीमाओं पर उसकी प्रतिदिन सुरक्षा सिपाहियों एवं सैनिकों के बलिदानों से की जा रही है। हमारा यह दायित्व है कि हम ऐसे वीरों के परिवारों, जिन्होंने देश को स्वतन्त्रता दिलाने एवं उसकी रक्षा करने के लिए अपने जीवन का बलिदान कर दिया हो समाज में विशेष सम्मान दिलवाएं एवं उनको हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराएं। ऐसे सैनिकों के परिवारों को भी उचित मान-सम्मान, संरक्षण दिलाया जाए जोकि सीमा पर विषम परिस्थितियों में रहकर भी हमारे देश की रक्षा कर रहे हैं।
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कैप्टन सुनील खोखर,वीर चक्र ( मरणोपरांत) का जन्म 5 मई 1966 को हरियाणा के रोहतक जिले के कंसाला गांव में हुआ था। कमीशन के बाद उन्हें आर्टिलरी रेजिमेंट की 268 मीडियम रेजिमेंट में नियुक्त किया गया था। 07 मई, 1994 को कैप्टन सुनील खोखर को शिविर स्थल पर तोपखाने की गोलाबारूद को निर्देशित करने के लिए एक गश्ती दल के साथ जाने के लिए नियुक्त किया गया था। अपने कार्य को अंजाम देते समय दुश्मन ने उन्हें देख लिया और उन पर भारी गोलीबारी की गई। जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए और वीरगति को प्राप्त हुए । कैप्टन सुनील खोखर को उनके उत्कृष्ट धैर्य, दृढ़ संकल्प, कर्तव्य के प्रति समर्पण और सर्वोच्च बलिदान के लिए वीरता पुरस्कार, "वीर चक्र" से सम्मानित किया गया । स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
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लांस नायक अनूप कुमार शर्मा, शौर्य चक्र (मरणोपरांत ) मध्य प्रदेश के भिंड जिले के रहने वाले थे और आर्टिलरी रेजिमेंट में भर्ती हुए थे। बाद में उनको जम्मू और कश्मीर में तैनात 30 राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन में नियुक्त किया गया। 06/07 मई 2010 की रात को आतंकवादियों को बाहर निकालने के लिए खोज और विनाश अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया। जिसमें आतंकवादियों के साथ भीषण गोलीबारी में वे वीरगति को प्राप्त हुए। लेफ्टिनेंट कर्नल अनूप कुमार शर्मा को उनकी असाधारण बहादुरी, युद्ध भावना और सर्वोच्च बलिदान के लिए वीरता पुरस्कार, "शौर्य चक्र" से सम्मानित किया गया । स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
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स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
नायक कालीचरण का जन्म 7 मई 1979 को उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के चामा गांव में हुआ था। नायक कालीचरण की आर्मी की ट्रेनिंग होने के बाद उनको राजपुताना राइफल्स की यूनिट में नियुक्त किया गया। 28 मार्च 2018 को नायक कालीचरण की पेट्रोलिंग पार्टी माइन ब्लास्ट की चपेट में आ गई। विस्फोट के प्रभाव से नायक कालीचरण को गंभीर चोटें आईं उन्हें तुरंत पास के सेना अस्पताल में ले जाया गया परन्तु उन्हें बचाया नहीं जा सका और वे वीरगति को प्राप्त हुए। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से जयंती पर बारंबार नमन !
Our endeavour is to spread awareness for the forthcoming generations to learn and recognise the sacrifice made by our young officers and men of the Armed Forces and an attempt to honour them by remembering them.







