आम जनता को यह अवगत कराना आवश्यक है कि भारत को स्वतन्त्रता बिना खड्ग, बिना ढ़ाल के ना तो मिली और ना ही एयर कन्डीशन्ड कमरों में या सभागारों में बैठकर मीठी-मीठी बातों से उसकी सुरक्षा की जा रही है। भारत को स्वतन्त्रता असंख्य वीरों के बलिदानों के फलस्वरूप मिली है एवं आज भी देश के भीतर एवं देश की सीमाओं पर उसकी प्रतिदिन सुरक्षा सिपाहियों एवं सैनिकों के बलिदानों से की जा रही है। हमारा यह दायित्व है कि हम ऐसे वीरों के परिवारों, जिन्होंने देश को स्वतन्त्रता दिलाने एवं उसकी रक्षा करने के लिए अपने जीवन का बलिदान कर दिया हो समाज में विशेष सम्मान दिलवाएं एवं उनको हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराएं। ऐसे सैनिकों के परिवारों को भी उचित मान-सम्मान, संरक्षण दिलाया जाए जोकि सीमा पर विषम परिस्थितियों में रहकर भी हमारे देश की रक्षा कर रहे हैं।
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| DOB | 1970-03-09 |
| Martyr | Battle Casualty |
सूबेदार राज कुमार का जन्म 09 मार्च 1970 को हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के नूरपुर क्षेत्र के खानी गांव में हुआ था। 1999 में वे सेना में शामिल हुए और उन्हें 24 पंजाब रेजिमेंट में नियुक्त किया गया। 2017 में उन्हें 53 राष्ट्रीय राइफल्स में नियुक्त किया गया जो आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए जम्मू एंड कश्मीर के बडगाम जिले के बीरवाह के द्रंग इलाके में तैनात थी। यूनिट का ऑपरेशन एरिया आतंकवादियों से भरा हुआ था और सैनिकों को हर समय हाई अलर्ट पर रहना पड़ता था। 09 अक्टूबर 2017 को सूबेदार राज कुमार एक गश्ती दल का नेतृत्व कर रहे थे। जब गश्ती दल वापस बेस कैंप में वापस लौट रहा था तो पूर्व-नियोजित तरीके से आतंकवादियों के एक समूह ने गश्ती दल पर हमला कर दिया। सूबेदार राज कुमार और उनके सैनिकों ने पूरी ताकत के साथ जवाबी कार्रवाई की। परन्तु भारी गोलीबारी में सूबेदार राज कुमार गंभीर रूप से घायल हुए और शहीद हो गए। सूबेदार राज कुमार एक बहादुर सैनिक थे जिन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से Subedar Raj Kumar को उनकी पुण्यतिथि पर नमन!
| DOB | 1992-10-09 |
| Martyr | Battle Casualty |
गनर विक्रमजीत सिंह हरियाणा के अंबाला जिले के तेपला गांव के रहने वाले थे। 2014 में सेना में शामिल हुए और उन्हें गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंट में शामिल किया गया। कुछ वर्षों बाद उन्हें 36 राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन के साथ सेवा करने के लिए नियुक्त किया गया। 2018 के दौरान गनर विक्रमजीत सिंह की 36 आरआर बटालियन को जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर में तैनात किया गया था जो लगातार आतंकवाद विरोधी अभियानों में लगी हुई थी। 06 अगस्त 2018 को लगभग 1 बजे रात को आठ भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने अंधेरे का फायदा उठाकर बख्तोर इलाके में गोविंद नाला के पास भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करने की कोशिश की। सैनिकों ने असामान्य गतिविधि को देखा और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से घुसपैठियों को चुनौती दी। मेजर कौस्तुभ राणे के नेतृत्व में गनर विक्रमजीत सिंह अपने साथियों के साथ कार्रवाई में जुट गए। इसके बाद भीषण गोलीबारी हुई जिसमें दो आतंकवादी मारे गए। हालांकि इसी दौरान गनर विक्रम जीत सिंह, उनके दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें श्रीनगर के 92 बेस अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया लेकिन 07 अगस्त 2018 को वे वीरगति को प्राप्त हो गए। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से Gunner Vikramjeet Singh को उनकी जयंती पर नमन!
| DOB | 1974-10-09 |
| Martyr | Battle Casualty |
लांस नायक राज कुमार महतो का जन्म 9 अक्टूबर 1974 को रांची झारखंड के गांव मासू में हुआ था। वे 1994 में सेना में भर्ती हो गए और उन्हें जाट रेजिमेंट की 12 जाट बटालियन में नियुक्त किया गया। जून 2004 के दौरान लांस नायक राज कुमार महतो को जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में तैनात 5 आरआर बटालियन में नियुक्त किया गया। 04 जून 2004 को यूनिट को खुफिया सूत्रों से दो कट्टर आतंकवादियों की मौजूदगी की जानकारी मिली। उग्रवादियों को पकड़ने के लिए तलाशी एवं घेराबंदी अभियान शुरू किया गया। घमासान गोलाबारी के चलते लांस नायक राज कुमार महतो को गोली लगी और वे वीरगति को प्राप्त हो गए। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से Lance Naik Raj Kumar Mahto को उनकी जयंती पर नमन!
Our endeavour is to spread awareness for the forthcoming generations to learn and recognise the sacrifice made by our young officers and men of the Armed Forces and an attempt to honour them by remembering them.







