आम जनता को यह अवगत कराना आवश्यक है कि भारत को स्वतन्त्रता बिना खड्ग, बिना ढ़ाल के ना तो मिली और ना ही एयर कन्डीशन्ड कमरों में या सभागारों में बैठकर मीठी-मीठी बातों से उसकी सुरक्षा की जा रही है। भारत को स्वतन्त्रता असंख्य वीरों के बलिदानों के फलस्वरूप मिली है एवं आज भी देश के भीतर एवं देश की सीमाओं पर उसकी प्रतिदिन सुरक्षा सिपाहियों एवं सैनिकों के बलिदानों से की जा रही है। हमारा यह दायित्व है कि हम ऐसे वीरों के परिवारों, जिन्होंने देश को स्वतन्त्रता दिलाने एवं उसकी रक्षा करने के लिए अपने जीवन का बलिदान कर दिया हो समाज में विशेष सम्मान दिलवाएं एवं उनको हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराएं। ऐसे सैनिकों के परिवारों को भी उचित मान-सम्मान, संरक्षण दिलाया जाए जोकि सीमा पर विषम परिस्थितियों में रहकर भी हमारे देश की रक्षा कर रहे हैं।
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JWO Akhilesh Kumar Singh VM स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
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Sgt Sudhakar Yadav VM स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
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Flt Lt Krishnamoorthy Praveen SC स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
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Flight Lieutenant Tapan Kapoor VM स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
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Wing Commander Darryl Castelino KC स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
सिपाही अजय कुमार, शौर्य चक्र (मरणोपरांत) का जन्म 25 जून 1992 को हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के कोटला पंजोला गांव में हुआ था। 2013 में वे सेना में भर्ती हुए और उन्हें 8 मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री में नियुक्त किया गया । 2018 में उन्हें 42 राष्ट्रीय राइफल्स जो जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए तैनात थी उसमें नियुक्त किया गया। 24 अप्रैल 2018 को उनकी यूनिट ने एक आतंकवाद विरोधी अभियान चलाया जिसका सिपाही अजय कुमार हिस्सा थे। इसी बीच भारी गोलीबारी हुई जिसमे सिपाही अजय कुमार ने एक आतंकवादी को मार गिराया लेकिन उनके सिर में गोली लगने से गंभीर चोटें आईं और वे वीरगति को प्राप्त हो गए। सिपाही अजय कुमार को उनके अनुकरणीय साहस, लड़ाई की भावना और सर्वोच्च बलिदान के लिए वीरता पुरस्कार, "शौर्य चक्र" (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से जयंती पर बारंबार नमन !
Our endeavour is to spread awareness for the forthcoming generations to learn and recognise the sacrifice made by our young officers and men of the Armed Forces and an attempt to honour them by remembering them.







