शहीद स्मारक एवं उपवन क्लब - स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविदयालय परिसर

 

आम जनता को यह अवगत कराना आवश्यक है कि भारत को स्वतन्त्रता बिना खड्ग, बिना ढ़ाल के ना तो मिली और ना ही एयर कन्डीशन्ड कमरों में या सभागारों में बैठकर मीठी-मीठी बातों से उसकी सुरक्षा की जा रही है। भारत को स्वतन्त्रता असंख्य वीरों के बलिदानों के फलस्वरूप मिली है एवं आज भी देश के भीतर एवं देश की सीमाओं पर उसकी प्रतिदिन सुरक्षा सिपाहियों एवं सैनिकों के बलिदानों से की जा रही है। हमारा यह दायित्व है कि हम ऐसे वीरों के परिवारों, जिन्होंने देश को स्वतन्त्रता दिलाने एवं उसकी रक्षा करने के लिए अपने जीवन का बलिदान कर दिया हो समाज में विशेष सम्मान दिलवाएं एवं उनको हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराएं। ऐसे सैनिकों के परिवारों को भी उचित मान-सम्मान, संरक्षण दिलाया जाए जोकि सीमा पर विषम परिस्थितियों में रहकर भी हमारे देश की रक्षा कर रहे हैं।

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Death Anniversary Test

Havaldar Mahabir Singh
DOB 1959-10-01
Martyr Battle Casualty

हवलदार महाबीर सिंह का जन्म 01 अक्टूबर 1959 को हरियाणा के रोहतक जिले के मैना गांव में हुआ था। 10 जनवरी 1979 को वे सेना में शामिल हुए और उन्हें 14 राजपूताना राइफल्स में नियुक्त किया गया। 1992 के दौरान उनकी यूनिट राजस्थान के नसीराबाद में तैनात थी। 20 अगस्त 1992 को हवलदार महाबीर सिंह और उनके साथियों को प्रशिक्षण के उद्देश्य से यूनिट द्वारा बिछाई गई पुरानी बारूदी सुरंगों को साफ करने का काम सौंपा गया। दुर्भाग्य से उस दिन बारूदी सुरंगों को निष्क्रिय करते समय उनमें से एक में विस्फोट हो गया। इसी दौरान हवलदार महाबीर सिंह गंभीर रूप से घायल हुए और वीरगति को प्राप्त हो गए। हवलदार महावीर सिंह एक बहादुर सैनिक थे जिन्होंने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से Havaldar Mahabir Singh को उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!

NB SUB AJIT SINGH
DOB
Martyr Battle Casualty

नायब सूबेदार अजीत सिंह पंजाब के जालंधर जिले के दकोहा गांव के रहने वाले थे। वे अपनी शुरुआती पढ़ाई के बाद 1976 में आर्मी में शामिल हो गए। उन्हें आर्टिलरी रेजिमेंट की 305 मीडियम रेजिमेंट में भर्ती किया गया। अगस्त 1999 में, नायब सूबेदार अजीत सिंह की यूनिट 305 मीडियम रेजिमेंट को जम्मू और कश्मीर में LOC पर तैनात किया गया था। हालांकि कारगिल युद्ध 26 जुलाई 1999 को ऑफिशियली खत्म हो गया था, लेकिन अगस्त 1999 में भी LOC पर हालात तनावपूर्ण बने रहे। 20 अगस्त 1999 को, पाकिस्तानी सैनिकों ने बॉर्डर पार से भारतीय पोस्ट पर बिना उकसावे के फायरिंग शुरू कर दी। नायब सूबेदार अजीत सिंह की यूनिट उस सेक्टर में एक फॉरवर्ड पोस्ट पर तैनात थी। भारतीय सेना ने सीज़फ़ायर तोड़ने का ज़ोरदार जवाब दिया और बॉर्डर पार से फायरिंग कई घंटों तक जारी रही। हालांकि, फायरिंग के दौरान, नायब सूबेदार अजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हुए और वीरगति को प्राप्त हो गये। नायब सूबेदार अजीत सिंह एक बहादुर और समर्पित जूनियर कमीशन्ड ऑफिसर थे, जिन्होंने देश की सेवा में अपने प्राणों की आहुति दे दी। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से NB SUB AJIT SINGH को उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!

Col Harendra Kumar Sharawat SM
DOB 1957-11-04
Martyr

कर्नल हरेंद्र कुमार सहरावत, "सेना मैडल" (मरणोपरांत) का जन्म 04 नवंबर 1957 को उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के झंगेठी गांव में हुआ था। 13 दिसंबर 1980 को वे सेकेंड लेफ्टिनेंट के रूप में पास हुए और उन्हें 18 मद्रास रेजिमेंट में नियुक्त किया गया। 2002 के दौरान वे 8 राष्ट्रीय राइफल्स में कमान अधिकारी के रूप में तैनात थे जो आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए जम्मू-कश्मीर में तैनात थी। 20 अगस्त 2002 को उन्होंने जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में एक तलाशी अभियान शुरू किया। इसी दौरान उग्रवादियों द्वारा सड़क पर लगाए गए रिमोट-नियंत्रित आईईडी में विस्फोट हो गया जिसके कारण वे गंभीर रूप से घायल हुए और वीरगति को प्राप्त हो गए। कर्नल एच के सहरावत को उनकी सराहनीय बहादुरी, कर्तव्य के प्रति समर्पण, नेतृत्व और सर्वोच्च बलिदान के लिए वीरता पुरस्कार "सेना मैडल " (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के गेट नम्बर 4 का नाम शहीद कर्नल हरेंद्र कुमार सहरावत के नाम पर रखा गया है! स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से Col Harendra Kumar Sharawat SM को उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!

Lt Navdeep Singh AC
DOB 1985-06-08
Martyr

लेफ्टिनेंट नवदीप सिंह "अशोक चक्र" (मरणोपरांत) पंजाब के गुरदासपुर जिले के रहने वाले थे और उनका जन्म 08 जून 1985 को हुआ था। लीडरशिप, टैक्टिक्स और मिलिट्री के मूल्यों की कड़ी ट्रेनिंग लेने के बाद, उन्हें 19 मार्च 2011 को आर्मी ऑर्डनेंस कोर (AOC) में कमीशन प्राप्त हुआ। लेफ्टिनेंट नवदीप सिंह की पहली पोस्टिंग 15 मराठा लाइट इन्फैंट्री में हुई। 19 अगस्त 2011 की रात को , खुफिया जानकारी ने पुष्टि की कि लगभग 17 कट्टर आतंकवादियों का एक भारी हथियारों से लैस समूह गुरेज सेक्टर के माध्यम से भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करने करने की कोशिश की इस ग्रुप को रोकने और बेअसर करने की ज़िम्मेदारी घातक प्लाटून को सौंपी गई, जिसमें लेफ्टिनेंट नवदीप आगे से लीड कर रहे थे। मुठभेड़ के दौरान उन्होंने खुद तीन आतंकवादियों को करीब से मार गिराया व ऑपरेशन के आखिर तक, 12 आतंकवादी मारे गए। हालांकि लेफ्टिनेंट नवदीप सिंह गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुए और 20 अगस्त 2011 को वीरगति को प्राप्त हो गए। लेफ्टिनेंट नवदीप सिंह को उनके असाधारण साहस, अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान के लिए देश का सबसे बड़ा शांतिकालीन वीरता पुरस्कार, "अशोक चक्र" (मरणोपरांत) से सम्मनित किया गया। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से Lt Navdeep Singh AC को उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!

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Our endeavour is to spread awareness for the forthcoming generations to learn and recognise the sacrifice made by our young officers and men of the Armed Forces and an attempt to honour them by remembering them.

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Gallery - Glimpses of remembering the Bravehearts!

Lets salute the martyrs for the sacrifices they made and thank them for saving our freedom.

Pricing -Membership Plans

General (सामान्य सदस्यता)

  • सदस्यों को यह अधिकार होगा कि वह शहीद उपवन में निःशुल्क प्रवेश कर सकें एवं भ्रमण कर सकें।
  • सदस्यों को शहीद उपवन एवं स्मारक परिसर की कैन्टीन में 10 प्रतिशत छूट के साथ भोज्य पदार्थ उपलब्ध होंगे।
  • सदस्यों को शहीद उपवन एवं स्मारक परिसर की दुकान पर उपलब्ध सामग्री 10 प्रतिशत छूट के साथ उपलब्ध होगी।
  • सदस्यों को मार्स रिसोर्ट्स हाॅटल तस्मय भोजनालय में 10 प्रतिशत छूट की दर से भोज्य उपलब्ध कराए जाएंगे।
  • सभी सदस्यों को शहीदों एवं महापुरूषों की जयन्ती, पुण्यतिथि एवं विशिष्ट तिथियों को स्मरण कराने हेतु सूचनाएँ भेजी जाएंगी ताकि उन सूचनाओं से अपने परिवार के युवाओं, बच्चों को संस्कारित कर सकें एवं अपने मित्रों को भी सूचना दे सकें।
Rs.1,000 (Annually)
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Amazing place

Amazing place. Gives a sense of patriotism in yourself once you visit the Subharti Shaheed Smarak & Upwan.

Mukul Aggarwal

Visitor

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Magnificent Place

This magnificent place is situated at Subharti University Campus and it is especially filled with the spirit of national pride.

Sara Khan

Visitor

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Feel of Patriotism

There are many more stories regarding the patriotism of Indian people & many more monuments to glorify that too. Standing at this place all those stories made me remember how privileged & honored the Indians feel when it comes to talk about their patriotism.

Sagar Kumar

Visitor

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