राइफलमैन रवि कुमार, सेना मैडल (मरणोपरांत) का जन्म जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में हुआ था । वे अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद सेना में शामिल हुए और उन्हें 14 जम्मू एंड कश्मीर राइफल्स में नियुक्त किया गया, जो एक पैदल सेना रेजिमेंट है जो अपने वीर सैनिकों और कई सफल ऑपरेशनों के लिए जानी जाती है। कुछ वर्षों तक अपनी यूनिट के साथ सेवा करने के बाद उन्हें आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में तैनात 31 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) बटालियन के साथ सेवा करने के लिए नियुक्त किया गया ।
फरवरी 2017 के दौरान राइफलमैन रवि कुमार की यूनिट को जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में तैनात किया गया था। 13 फरवरी 2017 को यूनिट को खुफिया सूत्रों से जानकारी मिली कि उसके जिम्मेदारी का क्षेत्र में आने वाले एक इलाके में कुछ हार्ड कोर आतंकवादी छिपे हुए हैं। परिणामस्वरूप 14 फरवरी, 2017 की सुबह राइफलमैन रवि कुमार की यूनिट 31 राष्ट्रीय राइफल्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और सीआरपीएफ ने दो मंजिला घर में छिपे आतंकवादियों को पकड़ने के लिए बांदीपोरा के पारे मोल्ला इलाके में एक अभियान चलाया। जब बल तलाशी अभियान चला रहे थे, तो छिपे हुए आतंकवादियों ने उन पर गोलीबारी की और उसके बाद भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई।
भारी गोलीबारी के दौरान राइफलमैन रवि कुमार और पैराट्रूपर धर्मेंद्र कुमार सहित पंद्रह सुरक्षाकर्मी घायल हो गए और उन्हें हवाई मार्ग से श्रीनगर के एक सेना अस्पताल में ले जाया गया। इस ऑपरेशन में लश्कर के एक शीर्ष कमांडर समेत कई आतंकवादियों को मार गिराया गया। परन्तु राइफलमैन रवि कुमार और पैराट्रूपर धर्मेंद्र कुमार शहीद हो गए। राइफलमैन रवि कुमार एक बहादुर और समर्पित सैनिक थे जिन्होंने देश की सेवा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए । राइफलमैन रवि कुमार को उनके सराहनीय साहस, कर्तव्य के प्रति समर्पण और सर्वोच्च बलिदान के लिए वीरता पुरस्कार 'सेना मैडल' (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया गया।
स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से राइफलमैन रवि कुमार, सेना मैडल (मरणोपरांत) को उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन !
राइफलमैन रवि कुमार, सेना मैडल (मरणोपरांत) के परिवार में उनकी पत्नी श्रीमती ईशा देवी और बेटी रुसानी हैं।




