पैराट्रूपर इम्तियाज अहमद थोकर, सेना मैडल (मरणोपरांत) का जन्म जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में हुआ था । अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद वे सेना में शामिल हुए और उन्हें पैराशूट रेजिमेंट में नियुक्त किया गया । बाद में वे 1 पैरा (स्पेशल फाॅर्स) में शामिल हो गए और उन्हें "रेड डेविल्स" के नाम से भी जाना जाता है।
2010 के दौरान पैराट्रूपर इम्तियाज अहमद थोकर की यूनिट 1 पैरा (एसएफ) को आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए जम्मू-कश्मीर में तैनात किया गया । 22 फरवरी 2010 को सुरक्षा बलों को जम्मू-कश्मीर में सोपोर जिले के चिंकीपोरा गांव में आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में खुफिया सूत्रों से जानकारी मिली थी। कट्टर आतंकवादियों को पकड़ने के लिए एक खोज और विनाश अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया था और यह कार्य 1 पैरा (एसएफ) को सौंपा गया था। कैप्टन देविंदर सिंह जस को अपने सैनिकों के साथ ऑपरेशन का नेतृत्व करने के लिए चुना गया था। पैराट्रूपर इम्तियाज अहमद थोकर उनकी उस टीम का हिस्सा थे जिसे यह कार्य सौंपा गया था। कैप्टन जस और उनकी टीम हरकत में आई और 23 फरवरी 2010 की सुबह ऑपरेशन शुरू किया। आतंकवादी संदिग्ध क्षेत्र में एक आवासीय इमारत में छिपे हुए थे जिसे एक सुनियोजित कदम के तहत घेर लिया गया था।
चुनौती दिए जाने पर उग्रवादियों ने सैनिकों पर गोलीबारी शुरू कर दी औ। सुबह 4.45 बजे कैप्टन जस के नेतृत्व में आक्रमण दल ने संदिग्ध इमारत पर हमला करने का फैसला किया। उग्रवादियों को इस कार्रवाई की आशंका थी और उन्होंने खुद को इमारत के अंदर सुविधाजनक स्थानों पर तैनात कर लिया था। वे भारी हथियारों से लैस थे और बड़ी संख्या में थे। जब पैराट्रूपर इम्तियाज अहमद और उनके साथियों ने इमारत पर धावा बोल दिया और दरवाजा खोलने के लिए आगे बढ़े तो उन पर विभिन्न दिशाओं से आतंकवादियों ने स्वचालित हथियारों और हथगोले से हमला कर दिया । इसके बाद भारी गोलीबारी हुई और सैनिक साहसी कार्रवाई में दो आतंकवादियों को मारने में कामयाब रहे।
परन्तु बंदूक की लड़ाई के दौरान पैराट्रूपर इम्तियाज अहमद और दो अन्य बहादुर गंभीर रूप से घायल हुए और शहीद हो गए । पैराट्रूपर इम्तियाज अहमद के अलावा, अन्य शहीद सैनिकों में कैप्टन देविंदर सिंह जस और नायक सेल्वा कुमार पी शामिल थे। पैराट्रूपर इम्तियाज अहमद ने ऑपरेशन के दौरान उल्लेखनीय साहस और बहादुरी का प्रदर्शन किया और देश की सेवा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए । पैराट्रूपर इम्तियाज अहमद थोकर को उनके असाधारण साहस, कर्तव्य के प्रति समर्पण और सर्वोच्च बलिदान के लिए वीरता पुरस्कार "सेना मैडल" (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया ।
स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से पैराट्रूपर इम्तियाज अहमद थोकर, सेना मैडल (मरणोपरांत) को उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन !




