कर्नल सोमनाथ मिश्रा को बिहार रेजिमेंट की 17वीं बटालियन में कमीशन मिला और वे 63वीं राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर के पद पर तैनात थे। कर्नल मिश्रा को राष्ट्रीय राइफल्स में उनकी बेहतरीन सेवा के लिए जाना जाता था। यह एक खास काउंटर-इंसर्जेंसी फोर्स है जिसे 1990 में जम्मू-कश्मीर में आंतरिक सुरक्षा के मुद्दों से निपटने के लिए बनाया गया था। इस यूनिट ने 16,000 से ज़्यादा आतंकवादियों को खत्म करने में अहम भूमिका निभाई है, जो इस इलाके में शांति और स्थिरता बनाए रखने में इसकी अहमियत को दिखाता है। लेफ्टिनेंट जनरल जेएफआर जैकब की अगुवाई में 1972 में बनी व्हाइट नाइट कॉर्प्स, लाइन ऑफ कंट्रोल पर एक अहम यूनिट रही है। कर्नल मिश्रा एक बहुत ही सम्मानित और समर्पित अधिकारी थे, जो अपनी बेहतरीन लीडरशिप और देश के प्रति अपनी निष्ठा के लिए जाने जाते थे। 63 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर के तौर पर, उन्होंने जम्मू-कश्मीर के मुश्किल इलाकों में उग्रवाद-विरोधी अभियानों में अहम भूमिका निभाई। मई 2025 में एक सड़क दुर्घटना में कर्नल मिश्रा गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके बाद उन्हें दिल्ली छावनी के आर्मी बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 17 जून, 2025 को कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा पड़ने) से दिल्ली छावनी के आर्मी बेस अस्पताल में असामयिक निधन हो गया। कर्नल सोमनाथ मिश्रा एक मार्गदर्शक, सर्वोच्च नेतृत्व, उत्कृष्ट अधिकारी थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी और पुत्र हैं।
स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविधालय की ओर से कर्नल सोमनाथ मिश्रा को उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन !




