लांस नायक ज्ञान सिंह परिहार मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के रहने वाले थे। वे भारतीय सेना की 25 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात थे, जो जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों में लगी हुई थी। अक्टूबर 2014 के शुरुआती दिनों में भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव बेहद बढ़ गया था। पाकिस्तानी सेना लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रही थी। 5 अक्टूबर 2014 को लांस नायक ज्ञान सिंह परिहार पुंछ सेक्टर की एक बेहद संवेदनशील और अग्रिम चौकी पर तैनात थे। इसी दौरान पाकिस्तानी सेना ने अकारण अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी और कुछ ही समय बाद भारी मोर्टार के गोलों से हमला करना शुरू कर दिया। ज्ञान सिंह परिहार और उनकी टीम ने अपनी जान की परवाह न करते हुए पाकिस्तानी गोलाबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया। इसी दौरान पाकिस्तान की तरफ से दागा गया एक मोर्टार का गोला ज्ञान सिंह की पोस्ट के बेहद करीब आकर फटा। मोर्टार फटने से निकले लोहे के नुकीले टुकड़े सीधे ज्ञान सिंह परिहार को लगे, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हुए और वीरगति को प्राप्त हो गये।




