कैप्टन विशाल भंडराल, कीर्ति चक्र (मरणोपरांत) 11 गढ़वाल राइफल्स में नियुक्त थे। कुछ समय तक अपनी यूनिट के साथ सेवा करने के बाद 2006 में उन्हें 14 राष्ट्रीय राइफल्स में नियुक्त किया गया जो जम्मू-कश्मीर के बांदीपोर क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए तैनात थी।
26 सितम्बर 2006 को कैप्टन विशाल की यूनिट को बांदीपोर के पास एक गांव सुमलारा में आतंकियों के उपस्थित होने की सूचना मिली। कैप्टन विशाल भंडराल के नेतृत्व में आतंकवादियों के विरुद्ध एक खोज और विनाश अभियान चलाया गया। इसी दौरान दोनो ओर से भीषण गोलीबारी हुए जिसमें कैप्टन विशाल भंडराल और उनकी टीम ने वहां पर मौजूद सभी आतंकवादियों को सफलतापूर्वक मार गिराया गया। परन्तु इसी दौरान कैप्टन विशाल भंडराल गंभीर रूप से घायल हुए और शहीद हो गये।
कैप्टन विशाल भंडराल को उनके उत्कृष्ट साहस, कर्तव्य के प्रति समर्पण और सर्वोच्च बलिदान के लिए देश के दूसरे सबसे बड़े शांतिकालीन वीरता पुरस्कार "कीर्ति चक्र" (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया।
स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से कैप्टन विशाल भंडराल, कीर्ति चक्र (मरणोपरांत) को उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन !




