सिपाही एच.एन. डेका का जन्म असम के मोरीगांव जिले के पघाली गांव में हुआ था। अपनी पढाई पूरी करने के बाद 2003 में वे सेना में शामिल हुए। भारतीय सेना उत्तर पूर्व क्षेत्र में कई दूर-दराज के इलाकों में तैनात है जहां कोई मोटर योग्य सड़कें मौजूद नहीं हैं और अधिकांश आपूर्ति भारतीय वायु सेना द्वारा वायु रखरखाव संचालन के रूप में किए गए हवाई बूंदों पर निर्भर हैं। सिपाही एच.एन. डेका 06 अक्टूबर 2017 को ऐसे ही एक ऑपरेशन में शामिल थे। एक एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर ने तवांग जिले के खिरमू हेलीपैड से सुबह करीब 6.30 बजे सिपाही डेका सहित पांच भारतीय वायुसेना और दो सेना कर्मियों के साथ उड़ान भरी थी।
जिस क्षेत्र में हेलिकॉप्टर उड़ान भर रहा था वह खतरनाक मौसम परिवर्तन के प्रति संवेदनशील माना जाता है। दुर्भाग्यवश लगभग 06:59 बजे हेलीकॉप्टर उस समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया जब वह उड़ान स्थल से 60 किलोमीटर दूर था। विमान में तुरंत आग लग गई क्योंकि वह केरोसिन की आपूर्ति ले जा रहा था। सिपाही एच.एन. डेका और जहाज पर सवार अन्य सभी 6 सैन्यकर्मी दुर्घटना से बच नहीं सके और शहीद हो गए ।
सिपाही एच.एन. डेका के परिवार में उनकी पत्नी सुश्रिता डेका और एक बेटी है।
स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से सिपाही एच.एन. डेका को उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन !




