राइफलमैन रजत कुमार बसन का जन्म जम्मू-कश्मीर राज्य के जम्मू जिले के अखनूर तहसील के पल्लनवाला गांव में हुआ था । उन्हें प्रसिद्ध जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट के 8 जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री में नियुक्त किया गया । एक रेजिमेंट जो अपने वीर सैनिकों और कई युद्ध कारनामों के लिए व्यापक रूप से सम्मानित थी।
2018 के दौरान राइफलमैन रजत कुमार बसन की यूनिट को लाइन ऑफ़ कण्ट्रोल के साथ जम्मू-कश्मीर के सुंदरबनी सेक्टर में तैनात किया गया था। भारत पाकिस्तान के साथ 3,323 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है जिसमें से 221 किलोमीटर आईबी और 740 किलोमीटर एलओसी जम्मू-कश्मीर में आती है। एलओसी अत्यधिक सक्रिय और अस्थिर है जहां अक्सर और बिना किसी चेतावनी के युद्धविराम का उल्लंघन होता रहता है। इसका इस्तेमाल आतंकवादी पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की मिलीभगत से घुसपैठ के लिए भी करते हैं। आतंकवादियों द्वारा घुसपैठ का प्रयास हमेशा तोपखाने की आग की आड़ में या बॉर्डर एक्शन टीम (बीएटी) की मदद से किया जाता है जिसमें पाकिस्तानी सेना के विशेष बलों के सैनिक शामिल होते हैं। 21 अक्टूबर 2018 को बॉर्डर एक्शन टीम (BAT) ने कुछ आतंकवादियों के साथ मिलकर 8 जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री के 'एरिया डोमिनेशन पेट्रोल' पर हमला किया। राइफलमैन रजत कुमार बसन उस गश्ती दल का हिस्सा थे जो उस अकारण हमले की चपेट में आ गया।
भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई की और इसके बाद भीषण गोलीबारी शुरू हो गई। ऑपरेशन के दौरान हमलावरों में से दो घुसपैठियों को मार गिराया गया और जंगी सामान बरामद किया गया। हालांकि गोलीबारी के दौरान राइफलमैन रजत कुमार बसन, हवलदार कौशल कुमार और लांस नायक रंजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहाँ वे तीनों शहीद हो गए। राइफलमैन रजत कुमार बसन एक बहादुर और समर्पित सैनिक थे जिन्होंने 22 साल की छोटी उम्र में देश की सेवा में अपने प्राण नौछावर कर दिए।
स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से राइफलमैन रजत कुमार बसन को उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन !




