राइफलमैन वरुण काटल का जन्म जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले की राजपुरा तहसील के मावा गांव में हुआ था । वे सेना में शामिल हुए और उन्हें 8 जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री में नियुक्त किया गया।
नवम्बर 2018 के दौरान राइफलमैन वरुण काटल की यूनिट लाइन ऑफ़ कण्ट्रोल के पास सुंदरबनी सेक्टर में तैनात थी। यह क्षेत्र बहुत अशांत और अस्थिर है क्योंकि दुश्मन सेनाएं अक्सर सीमा पार से बिना उकसावे के गोलीबारी करती रहती थी । 10 नवंबर 2018 को राइफलमैन वरुण काटल सुंदरबनी सेक्टर में अग्रिम चौकियों में से एक पर तैनात थे। उसी दिन सुबह लगभग 9:45 बजे सुंदरबनी सेक्टर के खौर इलाके में पाकिस्तानी बलों द्वारा अकारण संघर्ष विराम का उल्लंघन शुरू किया गया जिसका भारतीय सेना ने मुँह तोड़ जवाब दिया। परन्तु फायरिंग के दौरान राइफलमैन वरुण काटल गंभीर रूप से घायल हुए और शहीद हो गए। राइफलमैन वरुण काटल एक बहादुर और समर्पित सैनिक थे जिन्होंने 21 साल की छोटी उम्र में देश की सेवा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए
स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से राइफलमैन वरुण काटल को उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन !
राइफलमैन वरुण काटल के परिवार में उनके पिता सूबेदार आंचल सिंह (सेवानिवृत्त) और मां श्रीमती पिंकी रानी हैं।




