नायक रथीश सी का जन्म केरल के कन्नूर जिले के मट्टनूर कोडोलिप्राम गांव में हुआ था । स्वर्गीय श्री राघवन नांबियार और श्रीमती सी ओमाना के पुत्र नायक रथीश वर्ष 2001 में 20 वर्ष की आयु में सेना में शामिल हुए और उन्हें भारतीय सेना के महत्वपूर्ण लड़ाकू हथियारों में से एक आर्टिलरी रेजिमेंट की 44 मीडियम रेजिमेंट में नियुक्त किया गया । 2001 तक नायक रथीश ने लगभग 15 वर्षों की सेवा पूरी कर ली थी और विभिन्न इलाकों और कामकाजी परिस्थितियों के परिचालन क्षेत्रों में काम किया था। नायक रहीश ने बाद में सुश्री ज्योति से शादी कर ली और दंपति का एक बेटा काशीनाथन था।
अपनी यूनिट के साथ लंबे समय तक सेवा करने के बाद नायक रथीश को आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए कश्मीर घाटी में तैनात 36 राष्ट्रीय राइफल्स (आर आर) में नियुक्त किया गया । 36 आरआर के साथ अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद नायक रथीश को जनवरी 2017 में अपनी यूनिट में वापस शामिल होना था।
2016 के दौरान नायक रथीश जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में तैनात 36 आरआर में कार्यरत थे। 36 आरआर की जिम्मेदारी का क्षेत्र उग्रवादी गतिविधियों का केंद्र था और यूनिट के सैनिकों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए उच्च स्तर की तैयारी रखनी पड़ती थी। 17 दिसम्बर 2016 को नायक रथीश को एक ऑपरेशन के लिए नियुक्त टीम का हिस्सा बनाया गया । जब नायक रथीश और अन्य सैनिक ऑपरेशनल लोकेशन की ओर जा रहे थे उनके काफिले पर भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों के समूह ने हमला कर दिया।
यह एक अप्रत्याशित क्षेत्र में एक पूर्व नियोजित हमला था और इसने सैनिकों को आश्चर्यचकित कर दिया। सैनिक हरकत में आये और इसके बाद भारी गोलीबारी हुई। गोलीबारी के दौरान नायक रथीश और दो अन्य सैनिक गनर फ़राटे सौरभ और गनर शशिकांत गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में शहीद हो गए। नायक रथीश एक वीर और प्रतिबद्ध सैनिक थे जिन्होंने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए अपना जीवन न्यौछावर कर दिया।
स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से नायक रथीश सी को उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन !
नायक रथीश सी के परिवार में उनकी मां श्रीमती ओमाना, पत्नी श्रीमती ज्योति और बेटा काशीनाथन हैं।




