सिपाही चंद्रभान चौरसिया का जन्म 01 मार्च 1992 को उत्तर प्रदेश के कुशी नगर जिले के दुमही गांव में हुआ था। श्री राजबल्लभ चौरसिया और श्रीमती त्रिवेणी देवी के पुत्र सिपाही चंद्रभान का बचपन से ही सशस्त्र बलों में शामिल होने का रुझान था। उन्होंने दसवीं की पढ़ाई जनता इंटर कॉलेज से और बारहवीं की पढ़ाई लोकमान्य इंटर कॉलेज से पूरी की। उन्होंने अपने सपने को साकार करना जारी रखा और अंततः वर्ष 2015 में सेना में शामिल होने के लिए चयनित हो गए। उन्हें आर्मी मेडिकल कोर में भर्ती किया गया जो कि भारतीय सेना को युद्ध और शांति के दौरान चिकित्सा सहायता प्रदान करती है।
एक वर्ष तक सेवा करने के बाद सिपाही चंद्रभान ने वर्ष 2016 में सुश्री पिंकी कुमारी से शादी कर ली और उनके दो बेटे, आर्यन और आयुष हुए। बाद में वर्ष-2018 में सिपाही चंद्रभान को 45 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) में नियुक्त किया गया जो आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए जम्मू-कश्मीर में तैनात थी । यूनिट की जिम्मेदारी का क्षेत्र एलओसी के साथ लगता था जहां सीमा पार से घुसपैठ का भी खतरा हमेशा बना रहता था। योजनाबद्ध उग्रवाद विरोधी और घुसपैठ विरोधी अभियान चलाने के अलावा, यूनिट ने अपने क्षेत्र की निगरानी के लिए नियमित सशस्त्र गश्त शुरू की। सिपाही चंद्रभान 13 जनवरी 2020 को माछिल सेक्टर में ऐसी ही एक गश्त का हिस्सा थे। गश्त का निर्धारित मार्ग ऊबड़-खाबड़ इलाके से होकर गुजरता था और हिमस्खलन का भी खतरा था। जैसे ही गश्ती दल निर्धारित मार्ग से गुजर रहा था वे एक भयानक हिमस्खलन की चपेट में आ गए ।
हिमस्खलन ने सैनिकों को आश्चर्यचकित कर दिया और उन्हें प्रतिक्रिया करने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया। सिपाही चंद्रभान और उनके साथी बह गए और टनों बर्फ के नीचे दब गए। सेना की ओर से युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाया गया परन्तु खराब मौसम के कारण बचाव अभियान में बाधा आई। लेकिन टीम दबे हुए कुछ सैनिकों को निकालने में कामयाब रही। लेकिन सिपाही चंद्रभान और उनके तीन साथी सैनिक नायक रामेश्वर लाल, गनर रणजीत सिंह और नायक पुरुषोत्तम को बचाया नहीं जा सका और वे शहीद हो गए। सिपाही चंद्रभान एक समर्पित और बहादुर सैनिक थे जिन्होंने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए 27 वर्ष की आयु में अपने प्राण न्योछावर कर दिए ।
स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से सिपाही चंद्रभान चौरसिया को उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन !
सिपाही चंद्रभान चौरसिया के परिवार में उनके पिता श्री राजबल्लभ चौरसिया, पत्नी पिंकी कुमारी, बेटे आर्यन और आयुष, भाई श्री उदयभान चौरसिया, बहनें श्रीमती सुमन, श्रीमती सोनी और श्रीमती सुनीता हैं।




