सिपाही नागराजू ममिदी का जन्म 28 फरवरी 1990 को आंध्र प्रदेश के विजयनगर जिले में हुआ था । प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद उनका चयन सेना में शामिल होने के लिए हो गया। उन्हें 18 महार रेजिमेंट में गया था जो एक पैदल सेना रेजिमेंट थी जो अपने निडर सैनिकों और कई युद्ध कारनामों के लिए जानी जाती थी। अपनी यूनिट के साथ कुछ वर्षों तक सेवा करने के बाद उन्हें 51 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) में नियुक्त किया गया जो आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए जम्मू-कश्मीर में तैनात थी ।
जनवरी 2017 के दौरान सिपाही नागराजू ममिदी की यूनिट को एलओसी के पास उत्तरी कश्मीर के गुरेज सेक्टर में तैनात किया गया था। यूनिट की जिम्मेदारी का क्षेत्र चरम मौसम की स्थिति वाले सुदूर ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी इलाकों तक फैला हुआ था ओर सैनिकों को विभिन्न अग्रिम चौकियों पर तैनात किया गया था। वे अक्सर मानवयुक्त चौकियों के बीच के क्षेत्र की निगरानी के लिए गश्त करते थे। इसके अलावा भारी बर्फबारी से अक्सर सड़कें अवरुद्ध हो जाती थीं और सैनिकों की आवाजाही में बाधा आती थी जिसके कारण बार-बार निकासी अभियान की आवश्यकता होती थी। 25 जनवरी 2017 को 51 आरआर के शिविर में एक भयानक हिमस्खलन हुआ जिसमें जिससे सिपाही नागराजू ममिदी और उनके कई साथी घायल हो गए। हिमस्खलन की भयावहता और अचानकता ने सिपाही नागराजू ममिदी और 51 आरआर के अन्य सैनिकों को कोई रक्षात्मक उपाय करने का समय नहीं दिया। परिणामस्वरूप सैनिक टनों बर्फ के नीचे दब गए।
सेना द्वारा बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया गया जो फंसे हुए सैनिकों का पता लगाने और उन्हें बचाने के लिए कई घंटों तक जारी रहा। सेना की टीमों ने खराब मौसम की स्थिति में बचाव अभियान चलाया परन्तु सिपाही नागराजू ममिदी और तेरह अन्य सैनिक शहीद हो गए। सिपाही नागराजू ममिदी के अलावा, अन्य शहीद बहादुरों में नायक अजीत सिंह, नायब सूबेदार अराम सिंह गुर्जर, हवलदार विजय कुमार शुक्ला, सिपाही समुंदरे विकास, सिपाही संजू सुरेश खंडारे, सिपाही आनंद गवई, सिपाही संदीप कुमार डीपी, सिपाही सुनील पटेल, सिपाही देवेंदर कुमार सोनी, सिपाही इलावरसन बी, सिपाही आजाद सिंह, सिपाही सुंदर पांडी और क्राफ्टमैन अंकुर सिंह शामिल थे । सिपाही नागराजू ममिदी एक बहादुर सैनिक थे जिन्होंने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए ।
स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से सिपाही नागराजू ममिदी को उनकी जयंती पर बारंबार नमन !




